दिल्ली के इस क्रिकेट मैदान से जुड़ी है जिन्नों की रहस्यमयी कहानी रात होते ही क्यों पहुंचते हैं लोग?
क्रिकेट का मैदान दिन में कितना भी शोरगुल वाला क्यों न हो रात में वही जगह बिल्कुल अलग महसूस होती है लेकिन सोचिए अगर किसी क्रिकेट स्टेडियम के पास सदियों पुराने खंडहर हों और उन खंडहरों को लेकर ऐसी मान्यता हो कि वहां रात में इंसानों के अलावा किसी और की मौजूदगी रहती है तो कहानी अपने आप दिलचस्प हो जाती है दिल्ली में ऐसी ही एक जगह है जिसका नाम क्रिकेट फैंस ने भी खूब सुना है फिरोज शाह कोटला आज इसे अरुण जेटली स्टेडियम के नाम से जाना जाता है, लेकिन इसके पुराने नाम और आसपास मौजूद ऐतिहासिक खंडहरों से जुड़ी एक ऐसी कहानी है, जिसे सुनकर आज भी कई लोग हैरान रह जाते हैं। दिल्ली के इस मैदान में दिन के समय क्रिकेट का शोर सुनाई देता है। बल्लेबाज चौके-छक्के लगाते हैं, गेंदबाज विकेट का जश्न मनाते हैं और स्टैंड में बैठे फैंस अपने पसंदीदा खिलाड़ियों के लिए आवाज लगाते हैं। लेकिन इसी इलाके में मौजूद पुराने फिरोज शाह कोटला किले के खंडहरों को लेकर एक अलग ही दुनिया की कहानी सुनाई जाती है। यहां लोग जिन्नों के होने की मान्यता रखते हैं और कई लोग आज भी अपनी परेशानियों को लेकर इस जगह पर आते हैं। अब यहीं से कहानी थो...