iPhone और Thar की दुनिया में क्रिकेट का करारा जवाब सामान नहीं आपका काम बोलता है
आज की दुनिया में एक बड़ा अजीब सा दौर चल रहा है। लोग इंसान का दिल, उसका व्यवहार या उसका हुनर देखने से पहले यह देखते हैं कि उसकी जेब में कौन सा फोन है और वो किस गाड़ी से उतरा है। अगर आपके पास महंगा फोन या बड़ी गाड़ी नहीं है, तो मानो समाज की नज़र में आपकी कोई वैल्यू ही नहीं बची। दिखावे के इस खेल ने आज के युवाओं को अंदर से बहुत परेशान कर रखा है। कल शाम ही की बात है, मैं अपने दोस्तों के साथ नुक्कड़ पर चाय पी रहा था। बातों-बातों में एक दोस्त ने पूछा, "अरे यार, वो लड़का नहीं आया आज... वही जिसके पास iPhone है तभी दूसरे ने तुरंत जोड़ा, हाँ-हाँ, वही जो उस दिन Thar लेकर घूम रहा था यह सुनकर मेरे मन में एक अजीब सा सन्नाटा छा गया। मैं सोचने लगा कि क्या आज इंसान का नाम खत्म हो गया है? क्या अब हमारी पहचान हमारे काम से नहीं, बल्कि हमारे हाथ में पकड़े सामान से होगी? लेकिन चाय की चुस्की लेते-लेते जब मेरी नज़र सामने टीवी पर चल रहे क्रिकेट मैच पर पड़ी, तो मुझे अपना जवाब मिल गया। मुझे अहसास हुआ कि हम जिस खेल के दीवाने हैं, यानी हमारा प्यारा क्रिकेट वह इस खोखली दुनिया को मुंहतोड़ जवाब देता है। क्र...