भारत में E.Sports करियर का सच गेमिंग से पैसे कैसे कमाएं
लेकिन जरा ठहरिए। अगर आज वही लड़का किसी बड़े स्टेडियम में लाखों लोगों के सामने गेम खेलता दिखे, देश का नाम रोशन करे और महीने के लाखों रुपये कमाए तो क्या आप अब भी इसे टाइमपास कहेंगे
बात थोड़ी अजीब लग सकती है, लेकिन यही आज के दौर की सबसे बड़ी सच्चाई है। जिस गेमिंग को हम बचपन से वक्त की बर्बादी समझते आए हैं, उसने अब एक बेहद संजीदा और मल्टी-मिलियन डॉलर इंडस्ट्री का रूप ले लिया है। इसे ही दुनिया eSports (इलेक्ट्रॉनिक स्पोर्ट्स) के नाम से जानती है।
eSports आखिर है क्या साधारण गेमिंग से यह अलग कैसे है
बहुत से लोग सोचते हैं कि शाम को खाली वक्त में कैंडी क्रश खेलना या पबजी (BGMI) का एक-दो मैच लगा लेना ही ई-स्पोर्ट्स है। ऐसा बिल्कुल नहीं है।
जब आप अपने मनोरंजन के लिए अकेले या दोस्तों के साथ मजे में गेम खेलते हैं, तो वह 'कैजुअल गेमिंग' है। लेकिन जब वही गेम एक तय नियम, सख्त टाइम-टेबल, बड़े स्पॉन्सर्स, भारी प्राइज पूल और पूरी दुनिया के टॉप खिलाड़ियों के बीच कॉम्पिटिशन के साथ खेला जाता है, तो वह eSports बन जाता है।
जैसे क्रिकेट या फुटबॉल में दो टीमें मैदान पर उतरती हैं, वैसे ही BGMI, Valorant, Counter-Strike या DOTA 2 जैसे गेम्स में डिजिटल स्क्रीन पर दिमाग, रिफ्लेक्स और टीमवर्क की असली जंग होती है।
भारत में eSports का बदलता हुआ दौर
भारत में सस्ते डेटा और स्मार्टफोन के आने से गेमिंग का पूरा माहौल ही बदल गया। पहले लोग सिर्फ विदेशों में होने वाले गेमिंग टूर्नामेंट्स के वीडियो देखते थे, लेकिन अब भारतीय खिलाड़ी खुद ग्लोबल स्टेज पर भारत का झंडा गाड़ रहे हैं।
सबसे बड़ी और राहत की बात यह है कि भारत सरकार ने भी ई-स्पोर्ट्स को आधिकारिक तौर पर 'मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट' की मान्यता दे दी है। यानी अब यह केवल कमरे में बैठकर खेला जाने वाला खेल नहीं, बल्कि देश का एक मान्यता प्राप्त ऑफिशियल स्पोर्ट बन चुका है। एशियन गेम्स जैसे बड़े आयोजनों में भी अब इसके मेडल्स दिए जा रहे हैं।
गेमिंग में सिर्फ खेलना ही नहीं कमाई के ये रास्ते भी हैं
जब लोग पूछते हैं कि "क्या गेमिंग में कोई स्कोप है?", तो उन्हें लगता है कि बस गेम खेलना ही इकलौता काम है। लेकिन जैसे क्रिकेट में सिर्फ 11 खिलाड़ी नहीं, बल्कि उनके पीछे कोच, कमेंटेटर और एनालिस्ट की पूरी फौज होती है, ठीक वैसे ही ई-स्पोर्ट्स में भी कई बेहतरीन करियर ऑप्शंस मौजूद हैं
प्रो-गेमर (Professional Athlete) जो बड़ी टीमों (जैसे GodLike, Soul, S8UL) की तरफ से खेलते हैं, जिन्हें फिक्स सैलरी के साथ टूर्नामेंट जीतने पर प्राइज मनी का बड़ा हिस्सा मिलता है।
गेम कास्टर और कमेंटेटर अगर आपकी हिंदी या अंग्रेजी अच्छी है और आपको गेम की गहरी समझ है, तो आप लाइव टूर्नामेंट में कमेंट्री करके बहुत अच्छा पैसा कमा सकते हैं।
ई-स्पोर्ट्स एनालिस्ट और कोच जो विरोधी टीमों की रणनीतियों को डिकोड करते हैं और अपनी टीम को जीतने का प्लान बनाकर देते हैं।
कंटेंट क्रिएटर और स्ट्रीमर अगर आप बहुत बड़े प्रोफेशनल खिलाड़ी नहीं भी बन पाते, तो भी यूट्यूब या ट्विच पर अपने मजेदार गेमप्ले और बातचीत के अंदाज से लाखों सब्सक्राइबर्स बना सकते हैं और ब्रांड एंडोर्समेंट से कमाई कर सकते हैं।
चकाचौंध के पीछे की कड़वी सच्चाई
सुनने में यह सब जितना ग्लैमरस और मजेदार लगता है, असल जिंदगी में उतना आसान नहीं है। एक प्रोफेशनल ई-स्पोर्ट्स एथलीट बनना किसी डॉक्टर या इंजीनियर बनने जितना ही मुश्किल है।
मानसिक और शारीरिक थकान: दिन में 10 से 12 घंटे लगातार स्क्रीन के सामने बैठकर फोकस बनाए रखना कोई हंसी-खेल नहीं है। आंखों पर स्ट्रेन, बैक पेन और मेंटल प्रेशर इसमें बेहद आम है।
शुरुआती दौर का संघर्ष जब तक आप टॉप 1% गेमर्स में जगह नहीं बना लेते, तब तक इसमें शुरुआती आर्थिक मदद पाना बहुत मुश्किल होता है।
पारिवारिक सपोर्ट की कमी आज भी ज्यादातर माता-पिता को गेमिंग एक अनिश्चित भविष्य लगता है। उन्हें यह समझाना कि आप गेमिंग को करियर बनाना चाहते हैं, अपने आप में एक बड़ा युद्ध जीतने जैसा है।
टूर्नामेंट में एंट्री और रजिस्ट्रेशन का असली प्रोसेस
अगर आप इस फील्ड में शुरुआत करना चाहते हैं, तो इसका रास्ता बहुत सीधा है। आपको Krafton, Riot Games या ESL जैसे ऑफिशियल गेमिंग ऑर्गनाइजर्स की वेबसाइट्स और इन-गेम इवेंट सेक्शन पर नजर रखनी होती है। वहां जब ओपन-टू-ऑल (Open Qualifiers) टूर्नामेंट्स के रजिस्ट्रेशन खुलते हैं, तो आपको अपनी टीम (Squad) के गेमिंग ID, इन-गेम नाम और बेसिक डिटेल्स भरनी होती हैं। इन शुरुआती ऑनलाइन क्वालिफायर्स में बिना किसी फीस के कोई भी हिस्सा ले सकता है और अपनी काबिलियत साबित करके बड़े स्टेज तक पहुंच सकता है।
एक जरूरी सलाह आपकी पसंद आपका फैसला
देखिए, हमारा मकसद आपको सही जानकारी देना है, किसी को ई-स्पोर्ट्स में रजिस्ट्रेशन कराने या न कराने के लिए दबाव डालना नहीं। यह फैसला पूरी तरह से आपका है। अगर आपके अंदर गेमिंग को लेकर जुनून है, तो बेशक आप इसमें अपना फ्यूचर बना सकते हैं। लेकिन यह भी जरूरी नहीं कि हर कोई गेमिंग में ही जाए—आपके अंदर जो भी टैलेंट है, चाहे वह क्रिकेट हो, फुटबॉल हो, बास्केटबॉल हो, पढ़ाई हो या कोई अन्य ऑनलाइन गेम, आप अपने उस पैशन पर ईमानदारी से काम कीजिए। किसी भी फील्ड में अपना 100% दीजिए, अपने गोल पर फोकस रखिए और अपनी जिम्मेदारी व रिस्क को समझते हुए कदम आगे बढ़ाइए। जब आप अपने पसंदीदा खेल के प्रति ईमानदार रहेंगे, तो कामयाबी आज नहीं तो कल मिलना तय है।
दोस्तों अगर आप भी ई-स्पोर्ट्स में अपनी लाइफ बनाना चाहते हैं तो अपनी राय कमेंट में जरूर शेयर करें और इस अपडेट को अपने क्रिकेट लवर दोस्तों के साथ शेयर करना बिल्कुल भी न भूलें। खेल और स्पोर्ट्स की हर लाइव अपडेट और कुछ रोमांचक अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहें क्रिक स्पोर्ट हिंदी (Cric Spot Hindi) पर
... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय...
Yes
ReplyDeleteI am ready e sports
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