गंभीर की 'यंगिस्तान' जिद पड़ी भारी: संजू सैमसन को बाहर रखने की 'गंदी पॉलिटिक्स' ने डुबोई लुटिया, हैरी ब्रुक की सेना ने इंडिया को 125 रनों से रौंदा!
भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही 5 मैचों की टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में भारतीय टीम को बेहद शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है। सीरीज का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था, जिसके बाद दूसरे मैच में इंग्लैंड ने बाजी मारी थी। अब कप्तान हैरी ब्रुक की अगुवाई में इंग्लैंड ने तीसरा टी20 भी एकतरफा अंदाज में जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है।
202 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम इंडिया महज 11.4 ओवरों में सिर्फ 76 रनों पर ऑल-आउट हो गई। इस करारी शिकस्त के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर की "युवाओं को मौका देने" की जिद और कथित पॉलिटिक्स सीधे फैंस के निशाने पर आ गई है।
संजू सैमसन को बाहर बैठाने का खामियाजा, फैंस बोले- 'यह गंदी पॉलिटिक्स है'
मैच खत्म होते ही सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर है। हर तरफ एक ही सवाल गूंज रहा है—शानदार फॉर्म में चल रहे अनुभवी संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन से बाहर क्यों रखा गया? गौतम गंभीर की "मुझे सिर्फ यंगस्टर्स को ही खिलाना है" की जिद टीम इंडिया पर भारी पड़ गई। लगातार फ्लॉप हो रहे युवा खिलाड़ियों को मौका देने और संजू जैसे मैच-विनर को बेंच पर बैठाने के फैसले ने पूरी टीम की कमर तोड़ दी। नतीजा यह हुआ कि पूरी भारतीय टीम मिलकर इंग्लैंड के अकेले बल्लेबाज फिल साल्ट (70 रन) के स्कोर को भी पार नहीं कर सकी!
मैच का पूरा हाल: इंग्लैंड का धमाका, भारत का सरेंडर
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत तूफानी रही। फिल साल्ट ने महज 44 गेंदों में 7 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 70 रनों की आक्रामक पारी खेली। कप्तान जोस बटलर ने 21 गेंदों में 36 रन बनाए, जबकि सैम करन ने आखिरी में नाबाद 41 रन ठोककर इंग्लैंड का स्कोर 20 ओवर में 7 विकेट पर 201 रन पहुंचा दिया।
भारतीय गेंदबाजों में हर्षित राणा और प्रिंस यादव को 2-2 विकेट जरूर मिले, लेकिन वे रनों की रफ्तार पर अंकुश लगाने में पूरी तरह नाकाम रहे। अक्षर पटेल सबसे महंगे साबित हुए, जिन्होंने 4 ओवर में 49 रन लुटाए।
बल्लेबाजी नहीं, तमाशा था!
202 रनों के विशाल लक्ष्य के सामने भारतीय बल्लेबाजों ने जो खेल दिखाया, उसे देखकर फैंस का खून उबल गया। ओपनर अभिषेक शर्मा केवल 10 रन बनाकर चलते बने। युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने 2 छक्के जरूर लगाए, लेकिन वह भी 13 रन से आगे नहीं बढ़ सके। ईशान किशन (13), कप्तान श्रेयस अय्यर (5), और अक्षर पटेल (10) जैसी सीनियर जोड़ी भी पूरी तरह फ्लॉप रही।
मिडिल ऑर्डर में तिलक वर्मा ने 11 गेंदें खेलकर सिर्फ 3 रन बनाए, जिसने टीम पर दबाव और बढ़ा दिया। स्थिति इतनी बदतर थी कि टीम का कोई भी बल्लेबाज 15 रन के आंकड़े को भी नहीं छू सका और पूरी टीम सिर्फ 76 रनों पर ढेर हो गई।
इंग्लैंड की घातक गेंदबाजी
इंग्लैंड के गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का मौका ही नहीं दिया। जोश टंग ने कहर बरपाते हुए 4 ओवर में सिर्फ 28 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। वहीं जोफ्रा आर्चर ने 3 ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट लिए। रही-सही कसर आदिल राशिद ने 2 विकेट लेकर पूरी कर दी।
फैंस का फूटा गुस्सा: अब तो आंखें खोलो गंभीर!
सीरीज का पहला मैच पानी में धुलने के बाद भारत के पास वापसी का पूरा मौका था, लेकिन लगातार दो मैचों में मिली शर्मनाक हार ने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। फैंस का साफ कहना है कि युवाओं को ग्रूम करना सही है, लेकिन इंटरनेशनल लेवल पर सीरीज दांव पर होने के बावजूद संजू सैमसन जैसे क्लास खिलाड़ी को केवल 'एक्सपेरिमेंट' के नाम पर ड्रॉप करना टीम के साथ खिलवाड़ है।
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... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय...
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