Afghanistan Cricket Team New Captain: ACB का बड़ा उलटफेर, हशमतुल्लाह शाहिदी के कप्तानी छोड़ते ही तुरंत घोषित हुआ नया कप्तान, मची सनसनी

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के गलियारों से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसे अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास का सबसे बड़ा फेरबदल कहा जा रहा है। कल तक जिस टीम की कमान एक अलग रणनीति के साथ चल रही थी, कप्तान के पद छोड़ते ही अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने एक ऐसा त्वरित फैसला लिया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है।

पूरी कहानी इतनी तेजी से बदली कि किसी को भी हालात को समझने का मौका नहीं मिला। टीम के सबसे सफल कप्तानों में से एक हशमतुल्लाह शाहिदी ने अचानक वनडे और टेस्ट टीम के कप्तान का पद छोड़ने का एलान कर क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी थी। उनके इस फैसले की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि बोर्ड ने बिना कोई वक्त गंवाए सीधे तौर पर अनुभवी मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज रहमत शाह (Rahmat Shah) को टीम का नया वनडे और टेस्ट कप्तान घोषित कर दिया। बोर्ड के इस फुर्तीले एक्शन की चर्चा अब पूरी दुनिया में हो रही है।

रहमानुल्लाह गुरबाज को मिली उपकप्तानी, आक्रामक और शांत दिमाग की अनोखी जुगलबंदी

अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड का यह बड़ा फैसला सिर्फ कप्तान बदलने तक ही सीमित नहीं है। बोर्ड ने भविष्य की एक लंबी रूपरेखा तैयार करते हुए टीम के सबसे विस्फोटक और धाकड़ सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज को भी एक बेहद अहम जिम्मेदारी सौंपी है। बोर्ड ने गुरबाज को वनडे और टेस्ट दोनों ही फॉर्मेट के लिए टीम का नया उपकप्तान (Vice-Captain) नियुक्त किया है।

क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि रहमत शाह की मैदान पर शांत स्वभाव और गहरी रणनीतिक सोच के साथ जब रहमानुल्लाह गुरबाज का आक्रामक और बेखौफ अंदाज जुड़ेगा, तो विरोधी टीमों के लिए इस चक्रव्यूह को भेदना बेहद मुश्किल हो जाएगा। यह अफगानिस्तान क्रिकेट में एक बिल्कुल नए युग का आगाज है, जहां युवाओं के बेबाक जोश और सीनियर खिलाड़ियों के पुराने तजुर्बे को एक साथ पिरोकर मैदान पर उतारने की कोशिश की गई है।

आखिर हशमतुल्लाह शाहिदी का अचानक कप्तानी छोड़ना क्यों बना एक गहरा सस्पेंस?

शाहिदी ने जब अफगानिस्तान टीम की कमान अपने हाथों में ली थी, तब टीम एक बहुत ही नाजुक बदलाव के दौर से गुजर रही थी। लेकिन उन्होंने अपनी बेहतरीन सूझबूझ और कप्तानी के हुनर से टीम को उस मुकाम पर पहुंचा दिया जिसकी चंद सालों पहले तक किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। अगर उनके कप्तानी के आंकड़ों पर नजर डालें, तो उनकी अगुवाई में अफगानिस्तान ने कुल 55 वनडे मुकाबले खेले, जिनमें से रिकॉर्ड 27 मैचों में टीम ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

शाहिदी की कप्तानी के कुछ सबसे सुनहरे और यादगार पल

वनडे वर्ल्ड कप का करिश्मा भारत की सरजमीं पर खेले गए विश्व कप में अफगानिस्तान ने शाहिदी की कप्तानी में वो कमाल कर दिखाया जो नामुमकिन नजर आता था। उन्होंने डिफेंडिंग चैंपियन इंग्लैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका जैसी दिग्गज टीमों को एक के बाद एक पटखनी देकर दुनिया को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया था।

चैंपियंस ट्रॉफी में तहलका अपने क्रिकेट इतिहास में पहली बार आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के मंच पर उतरी अफगान टीम ने शाहिदी की कप्तानी में दुनिया के बड़े-बड़े सूरमाओं को हैरान करते हुए पांचवां स्थान हासिल किया था।

साउथ अफ्रीका के खिलाफ ऐतिहासिक सीरीज जीत क्रिकेट इतिहास में पहली बार साउथ अफ्रीका जैसी दुनिया की सबसे मजबूत और खूंखार टीमों में से एक के खिलाफ द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीतने का अनोखा कीर्तिमान भी इन्हीं के नाम दर्ज हुआ।

इतने शानदार रिकॉर्ड, लगातार 5 द्विपक्षीय सीरीज में जीत का सिलसिला और बेहतरीन फॉर्म के बावजूद अचानक उनका कप्तानी का पद छोड़ देना हर किसी के लिए एक बड़ा सस्पेंस बन गया है। हालांकि, शाहिदी ने यह साफ कर दिया है कि वह बतौर खिलाड़ी टीम में चयन के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगे और अपने बल्ले से योगदान देते रहेंगे।

आखिर रहमत शाह पर ही बोर्ड ने क्यों जताया इतना तुरंत और बड़ा भरोसा?

जब किसी टीम का मुख्य नेतृत्व इतनी अचानक और नाटकीय परिस्थितियों में बदलता है, तो जिम्मेदारी हमेशा किसी ऐसे खिलाड़ी को सौंपी जाती है जो टीम के ड्रेसिंग रूम की रग-रग से वाकिफ हो। रहमत शाह ठीक वही खिलाड़ी हैं जो इस मापदंड पर पूरी तरह खरे उतरते हैं। अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद से रहमत के पास 128 वनडे और 12 टेस्ट मैचों का एक लंबा, गहरा और समृद्ध अनुभव है।

सबसे बड़ी और व्यावहारिक बात यह है कि वह लंबे समय से शाहिदी के साथ टीम के उपकप्तान के तौर पर लगातार काम कर रहे थे। इसका सीधा मतलब यह है कि टीम के ड्रेसिंग रूम का माहौल कैसा है, किस खिलाड़ी की क्या ताकत है, किसे कब बैक करना है और मैदान पर बिखरती परिस्थितियों में रणनीतियां कैसे बदलनी हैं, यह सब रहमत शाह बहुत अच्छे से जानते हैं। यही वजह रही कि बोर्ड ने बिना किसी हिचकिचाहट या लंबे असमंजस के उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी।

अब सामने खड़ी है आयरलैंड की कड़ी चुनौती

कप्तानी का ताज हमेशा कांटों भरा होता है और यह बात नए नवेले कप्तान रहमत शाह भी बहुत अच्छी तरह जानते हैं। उनके पास इस नई और बड़ी जिम्मेदारी का जश्न मनाने का बिल्कुल भी समय नहीं है, क्योंकि अफगानिस्तान को आयरलैंड के खिलाफ 5 मैचों की एक बेहद महत्वपूर्ण वनडे सीरीज खेलनी है।

इस सीरीज के साथ ही अफगानिस्तान क्रिकेट के पन्नों पर एक बिल्कुल नया अध्याय लिखा जाने वाला है। अब यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या रहमत शाह और रहमानुल्लाह गुरबाज की यह नई जोड़ी शाहिदी की कामयाबी की उस शानदार विरासत को आगे ले जा पाएगी या फिर इस अचानक हुए बड़े फेरबदल का असर टीम के प्रदर्शन और मैदान पर उनके तालमेल पर पड़ेगा। फिलहाल, पूरी खेल दुनिया की नजरें अब इस नई अफगान सेना और नए कप्तान की रणनीतियों पर टिकी हुई हैं।

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                        ... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय... 


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