Ajinkya Rahane Retirement गाबा फतह करने वाले कप्तान ने चुपचाप क्यों लिया संन्यास नम आँखों से फैंस बोले Thank You उस चैंपियन को एक फेयरवेल मैच तक नहीं मिला
भारतीय क्रिकेट से आज एक बेहद भावुक करने वाली खबर सामने आई है। टीम इंडिया के पूर्व उप-कप्तान और संकट के समय में टीम की नैया पार लगाने वाले Ajinkya Rahane ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। आज यानी 30 जुलाई 2026 को रहाणे ने एक बेहद भावुक खत के जरिए अपने इस बड़े फैसले से करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों का दिल तोड़ दिया।
रहाणे का जाना सिर्फ एक खिलाड़ी का संन्यास नहीं है, बल्कि यह उस दौर का अंत है जब टीम इंडिया मुश्किल में फँसती थी, तो एक शांत सा बल्लेबाज क्रीज पर आकर दीवार बन जाता था।
Ajinkya Rahane Career: जब एडिलेड के 36 रन के मलबे से खड़ा किया 'गाबा का किला
अजिंक्य रहाणे के पूरे करियर को एक तरफ रख दीजिए और साल 2020-21 की Border Gavaskar Trophy को एक तरफ। आज जब रहाणे ने संन्यास लिया है, तो हर सच्चे क्रिकेट प्रेमी के जेहन में ऑस्ट्रेलिया का वो दौरा घूम रहा है।
एडिलेड टेस्ट में भारतीय टीम सिर्फ 36 रनों पर सिमट गई थी। मोहम्मद शमी चोटिल थे, विराट कोहली वापस भारत लौट चुके थे। पूरी दुनिया भारतीय टीम का मज़ाक उड़ा रही थी। उस बेहद मुश्किल और तनावपूर्ण माहौल में कप्तानी की जिम्मेदारी अजिंक्य रहाणे ने संभाली।
रहाणे ने मेलबर्न में शतक जड़कर न सिर्फ टीम में जान फूँकी, बल्कि गाबा में ऑस्ट्रेलिया का 32 साल पुराना घमंड तोड़कर तिरंगा लहराया। वो जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी टेस्ट जीत मानी जाती है, और उसके असली सूत्रधार अजिंक्य रहाणे ही थे।
Ajinkya Rahane Stats सादगी के पीछे छिपे आंकड़े
रहाणे ने टीम इंडिया के लिए खेलते हुए कई बेमिसाल पारियां खेलीं। अगर Ajinkya Rahane stats पर नजर डालें, तो उन्होंने भारत के लिए 85 टेस्ट मैचों में 12 शतकों और 26 अर्धशतकों की मदद से 5077 रन बनाए। वहीं 90 वनडे मैचों में उनके नाम 2962 रन दर्ज हैं।
लेकिन रहाणे को सिर्फ इन आंकड़ों से नहीं नापा जा सकता। विदेशों में चाहे वो लॉर्ड्स की हरी घास हो, मेलबर्न की उछाल भरी पिच हो या डरबन की तेज पिच रहाणे का बल्ला हमेशा तब चला जब बाकी सब सरेंडर कर चुके होते थे। स्लिप में उनके कैच पकड़ने की टाइमिंग इतनी सटीक थी कि गेंदबाज आँख बंद करके उन पर भरोसा करते थे।
देश के हर खेल प्रेमी को खलेगी एक बात क्यों नहीं मिला फेयरवेल मैच
रहाणे के संन्यास की खबर आते ही हर तरफ फैंस का गुस्सा और दुख दोनों फूट पड़ा है। पिछले कुछ समय से वो खराब फॉर्म के चलते टीम इंडिया से बाहर चल रहे थे। उन्होंने घरेलू क्रिकेट (Ranji Trophy) में खूब पसीना बहाया, इस उम्मीद में कि शायद एक बार फिर नीली जर्सी पहनने का मौका मिले।
लेकिन जब सेलेक्टर्स ने युवाओं की तरफ देखना शुरू किया, तो इस स्वाभिमानी खिलाड़ी ने बिना किसी तमाशे या विवाद के, चुपचाप किनारे हटना बेहतर समझा।
आज हर खेल प्रेमी के दिल में बस एक ही कसक है कि जिस खिलाड़ी ने देश को ऑस्ट्रेलिया में इतनी ऐतिहासिक जीत दिलाई, जिसने हमेशा टीम को खुद से आगे रखा, क्या उसे मैदान से सम्मान के साथ विदा होने का एक आखिरी मौका यानी एक फेयरवेल मैच नहीं मिलना चाहिए था
क्रिकेट के मैदान पर आपके वो खूबसूरत कवर ड्राइव और वो शांत मुस्कान हमेशा याद आएगी। शुक्रिया अजिंक्य रहाणे, भारतीय क्रिकेट को वो आत्मसम्मान देने के लिए जो कभी भुलाया नहीं जा सकता आपकी क्या राय है प्लीज नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके हमें ज़रूर बताएं पोस्ट अच्छी लगी हो तो दोस्तों के साथ शेयर करें
... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय...
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