Ashok Sharma International Debut: किसान के बेटे ने तय किया टीम इंडिया तक का सफर, 154+ की रफ्तार से गेंद फेंकने वाले अशोक शर्मा का इंटरनेशनल डेब्यू पर बड़ा धमाका
भारतीय क्रिकेट में जब भी कोई युवा खिलाड़ी फर्श से अर्श तक का सफर तय करता है, तो उसकी कहानी हर किसी के रोंगटे खड़े कर देती है। जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए पहले टी20 मुकाबले में भी एक ऐसी ही भावुक और दिल को छू लेने वाली कहानी पूरी दुनिया के सामने आई।
एक बेहद साधारण किसान के बेटे अशोक शर्मा ने आखिरकार नीली जर्सी पहनकर भारत के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू (Ashok Sharma International Debut) कर लिया है। मैदान पर पैर रखते ही इस युवा तेज गेंदबाज ने अपनी रफ्तार से ऐसा कहर बरपाया कि विरोधी बल्लेबाज चारों खाने चित नजर आए।
154+ Kmph की खौफनाक रफ्तार: पहली ही सीरीज में मचाया तहलका
अशोक शर्मा को जब कप्तान ने गेंद थमाई, तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह युवा लड़का जिम्बाब्वे की पिचों पर आग उगलने लगेगा। अपने स्पेल के दौरान अशोक ने लगातार 150 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदें फेंकी।
हद तो तब हो गई जब उन्होंने मैच की एक गेंद 154+ Kmph की स्पीड से डाली। इस गेंद को देखकर न सिर्फ बल्लेबाज बल्कि कमेंटेटर भी हैरान रह गए। उनकी इस खौफनाक गति और सटीक लाइन-लेंथ ने यह साफ कर दिया है कि उमरान मलिक और मयंक यादव के बाद भारत को रफ्तार का एक और नया सौदागर मिल चुका है।
डोमेस्टिक क्रिकेट से आईपीएल तक: ऐसा रहा है अशोक का अब तक का करियर
अशोक शर्मा को टीम इंडिया की कैप रातों-रात नहीं मिली है, इसके पीछे घरेलू क्रिकेट और आईपीएल की कड़ी मेहनत है। राजस्थान के लिए घरेलू सर्किट में खेलते हुए अशोक ने अपनी सटीक यॉर्कर और अंदर आती गेंदों से सबको प्रभावित किया था।
इसके बाद आईपीएल के मंच पर जब उन्हें मौका मिला, तो उन्होंने बड़े-बड़े विदेशी बल्लेबाजों को अपनी गति से परेशान किया। आईपीएल में नेट बॉलर के रूप में शुरुआत करने वाले अशोक ने अपनी मेहनत के दम पर मुख्य स्क्वॉड में जगह बनाई। उन्होंने बड़े मैचों में दबाव के क्षणों में जिस तरह से गेंदबाजी की, उसी का नतीजा है कि आज सिलेक्टर्स ने उन्हें सीधे इंटरनेशनल लेवल पर खेलने का मौका दिया।
खेतों से लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट तक: संघर्ष की ऐसी कहानी जो आंखों में आंसू ला दे
अशोक शर्मा का टीम इंडिया तक पहुंचने का यह रास्ता फूलों की सेज नहीं था। राजस्थान के एक छोटे से गांव में रहने वाले एक गरीब किसान के घर जन्मे अशोक के पास शुरुआत में चमड़े की गेंद और जूते तक खरीदने के पैसे नहीं थे।
उनके पिता ने दिन-रात खेतों में पसीना बहाकर और कर्ज लेकर अशोक की क्रिकेट एकेडमी की फीस भरी। अशोक खुद सुबह 4 बजे उठकर मीलों दूर प्रैक्टिस के लिए जाते थे। आईपीएल (IPL) में अपनी रफ्तार से सिलेक्टर्स का ध्यान खींचने वाले अशोक ने कल जब देश के लिए कैप पहनी, तो स्टैंड्स में बैठे उनके पिता अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। यह सिर्फ एक खिलाड़ी का डेब्यू नहीं, बल्कि एक लाचार पिता के सालों के संघर्ष की जीत थी।
मैच के बाद अशोक शर्मा का भावुक बयान
अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेलने के बाद जब अशोक शर्मा मीडिया के सामने आए, तो वह काफी भावुक दिखे। उन्होंने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और उनके बलिदान को दिया।
अशोक ने कहा, जब मैंने पहली बार हाथ में देश की कैप पकड़ी, तो मुझे अपने पिता के वो फटे हुए जूते याद आ गए जो वो मेरे लिए पैसे बचाने के चक्कर में सालों तक पहनते रहे। यह डेब्यू मेरे लिए नहीं, मेरे पिता के संघर्ष के लिए है। 154+ की रफ्तार तो बस शुरुआत है, मुझे देश के लिए अभी बहुत लंबे समय तक खेलना है और कई मैच जिताने हैं
क्रिकेट पंडितों और दिग्गजों ने बांधे तारीफों के पुल
अशोक शर्मा के इस धमाकेदार डेब्यू को देखने के बाद सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट के गलियारों तक सिर्फ उन्हीं की चर्चा हो रही है। कई पूर्व दिग्गजों का मानना है कि अगर अशोक अपनी फिटनेस और इस रफ्तार को बरकरार रखते हैं, तो वह आने वाले समय में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी तेज पिचों पर भारत के सबसे बड़े हथियार साबित हो सकते हैं।
अभी तो यह सिर्फ टी20 का ट्रेलर है! अगर अशोक शर्मा इसी तरह टी20 में खतरनाक बॉलिंग करते रहे, तो आने वाले समय में टीम इंडिया उन्हें वनडे और टेस्ट (ODI & Test) हर जगह मौका देगी और वो तीनों फॉर्मेट के मेन बॉलर बन जाएंगे
अगर अशोक शर्मा इसी तरह अपनी खौफनाक रफ्तार से बल्लेबाजों को डराते रहे, तो आने वाले समय में उन्हें क्रिकेट जगत में 'रफ्तार का नया सौदागर' कहा जाएगा।
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... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय...
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