गंभीर की 'जिद' और टीम मैनेजमेंट का चक्कर: क्या मिलकर कर रहे हैं टीम इंडिया को बर्बाद? अनबीटेबल सूर्या को हटाकर 'फ्लॉप कैप्टन' श्रेयस को सौंपी कमान, संजू की बलि और युवा ब्रिगेड से मची तबाही!

 



भारतीय क्रिकेट फैंस का गुस्सा इस समय ज्वालामुखी बनकर फट चुका है। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में जिस टीम इंडिया को दुनिया की कोई ताकत हरा नहीं पा रही थी, आज वो लगातार शर्मनाक हार झेलकर सीरीज गंवा चुकी है। फैंस और क्रिकेट पंडित सीधे तौर पर हेड कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। जब सबकुछ बिल्कुल परफेक्ट चल रहा था, टीम लगातार जीत रही थी, तो अचानक इस 'पीढ़ी बदलाव' (Generation Change) के नाम पर पूरी टीम को तहस-नहस करने की क्या जरूरत थी?

गौतम गंभीर की जिद और टीम मैनेजमेंट की आंख मूंदकर सहमति देने के चक्कर में आज भारतीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट को उस मोड़ पर ला खड़ा किया गया है जहां हर तरफ सिर्फ और सिर्फ टेंशन का माहौल है। आइए स्टेप-बाय-स्टेप देखते हैं कि कैसे इन दोनों की जुगलबंदी ने टीम इंडिया का कबाड़ा किया है:

1. ओडीआई (ODI): रोहित से कप्तानी छीनकर गिल को सौंपने का दांव

वनडे फॉर्मेट में जो सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला, वो था रोहित शर्मा की जगह शुभमन गिल को कमान सौंपना। यहाँ गंभीर की जिद और टीम मैनेजमेंट ने मिलकर रोहित शर्मा को कप्तानी से साइडलाइन करके शुभमन गिल को नया कप्तान घोषित कर दिया।

 बल्लेबाजी बनाम कप्तानी: बल्लेबाज के तौर पर शुभमन गिल का प्रदर्शन टेस्ट और वनडे में बहुत अच्छा है और वह शानदार खेल दिखा रहे हैं, उसमें कोई दिक्कत नहीं है। शुरुआत में कप्तान के तौर पर उनकी गाड़ी थोड़ी डगमगाई थी, लेकिन अब धीरे-धीरे पटरी पर आ रही है।

 असली समस्या: दिक्कत गिल के प्रदर्शन से नहीं, बल्कि कप्तानी के इस जबरन बदलाव से पूरी टीम के संतुलन का बिगड़ना है। मैनेजमेंट द्वारा नए लड़कों को अचानक टीम में ठूंसने से वनडे टीम का वो पुराना खौफ खत्म होता नजर आ रहा है।



2. टी20 (T20I): अनबीटेबल कप्तान 'सूर्यकुमार यादव' को क्यों हटाया?

सबसे ज्यादा हैरान और आक्रोशित करने वाला फैसला रहा टी20 के नंबर वन बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव (सूर्या दादा) को कप्तानी और टीम से साइडलाइन करना। सूर्या की कप्तानी में भारत का रिकॉर्ड बेमिसाल था और वो लगातार अजेय (Unbeatable) चल रहे थे। जब सब कुछ सही चल रहा था, तो उन्हें हटाने की क्या तुक थी?

अगर भविष्य के लिए टीम बदलनी भी थी, तो यह काम 2-3 साल बाद आराम से हो सकता था। अभी हमारी पूरी ताकत और मिशन 2027 के ओडीआई वर्ल्ड कप पर होना चाहिए था, लेकिन गंभीर और टीम मैनेजमेंट ने मिलकर टी20 विनर्स और उपकप्तान हार्दिक पांड्या को पहले ही दरकर किया और फिर सूर्या को भी हटाकर पूरी टीम का मोमेंटम बर्बाद कर दिया।


3. संजू सैमसन: जर्सी पर 'तीसरा स्टार' सजाने वाले हीरो की बलि!

फैंस इस बात को कभी नहीं भूल सकते कि टीम इंडिया की जर्सी पर जो तीसरा स्टार चमचमा रहा है, वो संजू सैमसन की बदौलत ही लगा है। (पहला स्टार धोनी  ने 2007 में दिलाया, दूसरा रोहित  ने 2024 में और तीसरा इसी साल कप्तान सूर्या की अगुवाई में संजू सैमसन ने सिंगल-हैंडेडली मैच जिताकर दिलाया था)।

31 साल के संजू अभी देश को 8-9 साल शानदार योगदान दे सकते थे, लेकिन गंभीर और मैनेजमेंट ने अपनी मनमानी के चलते पहले उन्हें जिम्बाब्वे सीरीज से साइडलाइन किया और फिर इस सीरीज के शुरुआती मैचों में टॉप ऑर्डर फ्लॉप होने के बावजूद उन्हें बेंच पर सड़ाया गया। यह सरासर एक मैच-विजेता खिलाड़ी के करियर के साथ खिलवाड़ है।

4. शर्मनाक रिकॉर्ड वाले श्रेयस अय्यर को कप्तानी क्यों?

गौतम गंभीर के केकेआर (KKR) प्रेम और चहेतों को बढ़ावा देने की जिद में टीम मैनेजमेंट ने भी पूरा साथ दिया, जिसकी सबसे बड़ी मिसाल हैं श्रेयस अय्यर। फैंस का सवाल है कि किस आधार पर उन्हें टी20 टीम का राजा बना दिया गया? उनके आंकड़े खुद गवाही दे रहे हैं:

 कप्तानी का फ्लॉप शो: आईपीएल के पिछले 14 मैच और यहाँ के हालिया 6 मैच मिलाकर टोटल 20 मैचों में से श्रेयस अय्यर 13 मैच हार चुके हैं!

 बेहतर विकल्प मौजूद थे: अगर कप्तानी का विकल्प ही देखना था, तो वहाँ रजत पाटीदार जैसा शानदार इन-फॉर्म ऑप्शन मौजूद था। यहाँ तक कि शुभमन गिल भी कप्तानी के मामले में श्रेयस अय्यर से कई गुना बेहतर और सूझबूझ भरा रिकॉर्ड बनाकर आ रहे थे, फिर अय्यर को जबरदस्ती थोपने की क्या जरूरत थी?

देश की टीम है, कोई आईपीएल फ्रेंचाइजी नहीं!

साल 2024 में केकेआर के मेंटर रहने के कारण गंभीर का श्रेयस अय्यर और हर्षित राणा जैसे अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को उठा-उठाकर लाना और टीम मैनेजमेंट द्वारा उस पर आंख बंद करके मुहर लगा देना टीम इंडिया को भारी पड़ रहा है। टेस्ट और वनडे का कबाड़ा पहले ही हो चुका था, और अब इस 'युवा ब्रिगेड' के चक्कर में पूरी टी20 टीम भी तहस-नहस हो चुकी है। अगर गंभीर और टीम मैनेजमेंट ने अपनी यह जिद और मनमानी तुरंत नहीं छोड़ी, तो भारतीय क्रिकेट फैंस का गुस्सा आने वाले समय में और उग्र रूप ले लेगा!

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            ... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय... 

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