David Warner Drink Driving Case: कोर्ट में डेविड वॉर्नर ने कबूला अपना गुनाह, हो सकती है जेल, कप्तानी के साथ करियर पर भी मंडराया संकट

 

ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज और आक्रामक सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर एक बार फिर बड़ी कानूनी और पेशेवर मुसीबत में घिर गए हैं। सिडनी की एक स्थानीय अदालत में वॉर्नर ने शराब पीकर गाड़ी चलाने (ड्रिंक एंड ड्राइव) के मामले में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। ईस्टर संडे के दिन हुई इस घटना के बाद से ही ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में यह मामला लगातार छाया हुआ था। अब अदालत में दोष स्वीकार करने के बाद वॉर्नर की मुश्किलें काफी ज्यादा बढ़ गई हैं, क्योंकि कानून के मुताबिक इस अपराध में उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।

 आखिर ईस्टर संडे के दिन क्या हुआ था?

यह पूरी घटना इसी साल अप्रैल महीने की है, जब डेविड वॉर्नर पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) का सीजन खत्म करके वापस ऑस्ट्रेलिया लौटे थे। सिडनी पुलिस द्वारा दर्ज की गई रिपोर्ट के अनुसार, वॉर्नर अपनी लग्जरी गाड़ी से सिडनी के पूर्वी उपनगर में जा रहे थे। रास्ते में जब उन्होंने पुलिस का 'रैंडम ब्रेथ टेस्टिंग' (शराब जांचने का अचानक लगाया गया नाका) देखा, तो उन्होंने सूझबूझ खो दी और अपनी गाड़ी को नाके से थोड़ी दूर पहले ही सड़क के किनारे रोक दिया।

सड़क पर इस तरह अचानक गाड़ी रुकते देख पुलिस अधिकारियों को संदेह हुआ। जब पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर वॉर्नर की जांच की, तो शुरुआती मोबाइल टेस्ट पॉजिटिव आया। इसके बाद उन्हें तुरंत पास के पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां हुई मशीन जांच में पता चला कि उनके शरीर में अल्कोहल की मात्रा तय कानूनी सीमा से दोगुनी से भी ज्यादा यानी 0.104 थी। ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए तय सीमा 0.05 है, जिससे वॉर्नर का स्तर बहुत ऊपर था।

 वकील ने कोर्ट में क्या दलील दी?

सिडनी की अदालत में चल रही इस सुनवाई के दौरान डेविड वॉर्नर खुद तो व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए, लेकिन उनके वकील बॉबी हिल ने उनकी तरफ से जज के सामने अपना जुर्म स्वीकार किया। वकील ने घटना की रात का ब्यौरा देते हुए बताया कि वॉर्नर ने अपने एक करीबी दोस्त के घर पर तीन ग्लास वाइन पी थी। आखिरी ड्रिंक खत्म करने के ठीक 11 मिनट बाद वह गाड़ी लेकर सड़क पर निकल पड़े, जो उनकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई।

वकील ने कोर्ट के बाहर मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि वॉर्नर अपनी इस गंभीर गलती के लिए बेहद शर्मिंदा हैं और पछतावा कर रहे हैं। उन्होंने माना कि उस रात उबर (Uber) या कोई दूसरी टैक्सी बुक करने के बजाय खुद गाड़ी चलाने का फैसला पूरी तरह से बेवकूफाना, लापरवाही भरा और गैर-जिम्मेदाराना था।

 जेल की सजा और लाइसेंस रद्द होने की तलवार

ऑस्ट्रेलियाई कानून के तहत डेविड वॉर्नर पर लगा यह आरोप 'मिड-रेंज ड्रिंक ड्राइविंग' की श्रेणी में आता है, जिसे वहां काफी गंभीर माना जाता है। न्यू साउथ वेल्स के सख्त ट्रैफिक नियमों के मुताबिक, इस अपराध के लिए पहली बार पकड़े जाने पर भी कोर्ट दोषी को अधिकतम 9 महीने तक की जेल की सजा सुना सकता है। इसके साथ ही भारी-भरकम जुर्माना और कम से कम 6 से 12 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस पूरी तरह सस्पेंड होने का प्रावधान है। अदालत ने इस मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना अंतिम फैसला 18 अगस्त के लिए सुरक्षित रख लिया है।

 कप्तानी और ब्रांड वैल्यू पर पड़ेगा तगड़ा असर

जेल और जुर्माने की कानूनी सजा के अलावा, वॉर्नर को अपने क्रिकेट करियर और साख को लेकर भी बहुत बड़ा झटका लगने जा रहा है। बिग बैश लीग (BBL) की टीम सिडनी थंडर की कप्तानी अब उनके हाथ से जाना लगभग तय माना जा रहा है। इसके पीछे एक बड़ी वजह यह भी है कि क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स का स्थानीय सरकार के साथ एक 'सेफ ड्राइविंग कैंपेन' चल रहा है, जिसके तहत वे लोगों को सुरक्षित गाड़ी चलाने के लिए जागरूक करते हैं। ऐसे में ड्रिंक एंड ड्राइव के मामले में खुद कप्तान का दोषी पाया जाना बोर्ड को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर देगा।

साल 2018 के बदनाम 'सैंडपेपर गेट' (बॉल टैंपरिंग विवाद) के बाद वॉर्नर को बड़ी मुश्किल से कप्तानी का लाइफटाइम बैन हटाकर फिर से लीडरशिप रोल मिला था, लेकिन इस नई लापरवाही ने उनके बचे-खुचे करियर और कई बड़े ब्रांड एंडोर्समेंट्स के सामने एक नया संकट खड़ा कर दिया है।

18 अगस्त को अदालत इस पर क्या अंतिम फैसला सुनाती है, इस पर पूरी दुनिया के क्रिकेट फैंस की नजरें टिकी रहेंगी। डेविड वॉर्नर की इस लापरवाही और उनके क्रिकेटिंग भविष्य को लेकर आपकी क्या राय है? कमेंट सेक्शन में लिखकर हमारे साथ जरूर साझा करें। प्लीज अगर पोस्ट अच्छी लगी हो, तो दोस्तों के साथ शेयर करें!

                    ... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय... 

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