Ishan Kishan Biography पटना के एक बैकबेंचर लड़के की कहानी, जिसने धोनी के शहर में रहकर पलटी किस्मत, ठोकी सबसे तेज डबल सेंचुरी और आज है 65 करोड़ की नेट वर्थ का मालिक
जब क्रिकेट की दुनिया में कोई छोटा लड़का रांची या पटना के मैदानों पर बल्ला थामता है, तो लोग अक्सर उसमें महेंद्र सिंह धोनी की छवि तलाशने लगते हैं। लेकिन बिहार की मिट्टी से निकलकर टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनने वाले ईशान किशन ने कभी किसी की परछाई बनना मंजूर नहीं किया। क्रिकेट की दुनिया में 'पॉकेट डायनामाइट' के नाम से मशहूर इस खिलाड़ी का सफरनामा किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है।
जब कॉपियों पर क्रिकेट के स्केच बनाने के लिए स्कूल से निकाला गया
ईशान किशन का जन्म 18 जुलाई 1998 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। उनके पिता प्रणव कुमार पांडे एक प्रतिष्ठित बिल्डर हैं और माँ सुचित्रा सिंह एक गृहणी हैं। बचपन में ईशान इतने शरारती थे कि उनका मन पढ़ाई-लिखाई में रत्ती भर भी नहीं लगता था। वो क्लास में बैठकर भी कॉपियों के पीछे क्रिकेट के ग्राउंड और बल्ले के स्केच बनाया करते थे। एक बार तो स्कूल के प्रिंसिपल ने उनकी कॉपियों पर पढ़ाई की जगह सिर्फ क्रिकेट देखकर उन्हें स्कूल से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। लेकिन ईशान के सिर पर तो बस क्रिकेट का भूत सवार था।
ईशान के बड़े भाई राज किशन खुद एक बेहतरीन क्रिकेटर थे, लेकिन जब उन्हें अहसास हुआ कि उनके छोटे भाई ईशान में कुछ असाधारण और जादुई प्रतिभा है, तो उन्होंने खुद का करियर पीछे छोड़ दिया और ईशान को आगे बढ़ाने में लग गए।
महज 12 साल की उम्र का वो दर्दभरा फैसला
उन दिनों बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की आपसी राजनीति के कारण वहां के बच्चों के लिए देश के सर्वोच्च स्तर पर खेलना लगभग नामुमकिन था। ऐसे में महज 12 साल की उम्र में ईशान को एक ऐसा फैसला लेना पड़ा, जो किसी भी बच्चे के लिए किसी सदमे से कम नहीं होता। उन्हें अपनी मां के हाथ का खाना, पिता का साया और पटना शहर छोड़कर पड़ोसी राज्य झारखंड के रांची शहर शिफ्ट होना पड़ा।
धोनी के इसी शहर में एक छोटे से कमरे में चार लड़कों के साथ रहना, खुद खाना बनाना और फटे हुए जूतों के साथ अभ्यास करना बेहद दर्दनाक था। कई रातें ऐसी भी थीं जब ईशान बिना खाना खाए सो गए, लेकिन उन्होंने कभी घर पर फोन करके आंसू नहीं बहाए, क्योंकि वह जानते थे कि उनके पिता पहले से ही उनकी ट्रेनिंग के लिए कर्ज के बोझ तले दबे हुए थे। यही वो ज़िद थी जिसने उन्हें फर्श से अर्श पर पहुँचाया।
126 गेंदों का वो तूफान जिसने इतिहास रच दिया
ईशान की यह तपस्या रंग लाई और घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने के बाद उन्हें साल 2016 के अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम का कप्तान चुन लिया गया। उनकी लीडरशिप में भारत फाइनल तक पहुंचा। इसके बाद आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए रोहित शर्मा की देखरेख में ईशान एक खूंखार फिनिशर और ओपनर के रूप में उभरे।
लेकिन ईशान के करियर का वो पन्ना जिसे क्रिकेट इतिहास कभी नहीं भूल सकता, वो था साल 2022 का वो मैच। 10 दिसंबर 2022 को बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव के मैदान पर ईशान ने वो गदर मचाया कि विरोधी गेंदबाज आज भी उस मैच के सपने देखते होंगे। ईशान ने सिर्फ 126 गेंदों में वनडे क्रिकेट का सबसे तेज़ दोहरा शतक ठोक दिया। वह वनडे में 200 रन बनाने वाले दुनिया के सबसे युवा बल्लेबाज बन गए। उस मैच में उन्होंने कुल 210 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी, जिसमें 24 चौके और 10 आसमान छूते छक्के शामिल थे।
वनडे, टी20 और टेस्ट में कुल रनों का पूरा लेखा-जोखा
अगर हम ईशान किशन के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर के आंकड़ों और रनों की बात करें, तो उन्होंने हर फॉर्मेट में गेंदबाजों की जमकर क्लास ली है।
वनडे क्रिकेट में ईशान ने अब तक कुल सत्ताइस मैचों की चौबीस पारियों में बयालीस की शानदार औसत और एक सौ दो के तूफानी स्ट्राइक रेट के साथ कुल एक हजार चौंसठ रन बनाए हैं। वनडे में उनके बल्ले से एक ऐतिहासिक दोहरा शतक, एक शानदार शतक और सात अर्धशतक निकले हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर दो सौ दस रन रहा है।
वहीं फटाफट क्रिकेट यानी अंतरराष्ट्रीय टी20 की बात करें, तो ईशान ने अब तक बतीस मैच खेले हैं और लगभग पच्चीस की औसत तथा एक सौ चौबीस के स्ट्राइक रेट से कुल सात सौ छियानवे रन अपने नाम किए हैं, जिसमें छह बेहतरीन अर्धशतक शामिल हैं और उनका बेस्ट स्कोर नवासी रन रहा है।
टेस्ट क्रिकेट में उन्हें अभी तक बहुत ज्यादा मौके नहीं मिले हैं, लेकिन अपने खेले गए दो टेस्ट मैचों की तीन पारियों में उन्होंने अठहत्तर की बेहतरीन औसत से कुल अठहत्तर रन बनाए हैं, जिसमें एक नाबाद अर्धशतक शामिल है और उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद बावन रन रहा है।
मुंबई इंडियंस के साढ़े 15 करोड़ के स्टार और राजाओं जैसी जिंदगी
ईशान किशन की इस खूंखार बल्लेबाजी का ही असर था कि साल 2022 के आईपीएल मेगा ऑक्शन में मुंबई इंडियंस ने उन पर साढ़े पंद्रह करोड़ रुपये की इतनी भारी-भरकम बोली लगाई कि हर कोई देखता रह गया। आज के समय में आईपीएल की भारी फीस, टीम इंडिया की सैलरी और बड़े-बड़े ब्रैंड्स के विज्ञापनों को मिलाकर ईशान किशन कुल 60 से 65 करोड़ रुपये की भारी-भरकम नेट वर्थ (संपत्ति) के मालिक हैं।
पटना के जिस लड़के के पास कभी ढंग के जूते नहीं होते थे, आज उसके पास पटना और रांची में राजाओं जैसे आलीशान बंगले हैं, जहां उनका पूरा परिवार शान से रहता है। इसके अलावा ईशान को महंगी गाड़ियों का भी बेहद शौक है। आज उनके कार कलेक्शन में मर्सिडीज-बेंज सी-क्लास, बीएमडब्ल्यू 5 सीरीज और फोर्ड मस्टैंग जैसी लग्जरी और तेज रफ्तार गाड़ियां शामिल हैं, जो उनकी शाही लाइफस्टाइल की कहानी खुद बयां करती हैं।
विवादों को मात देकर टीम इंडिया में शेर की तरह दहाड़
बीच में एक ऐसा दौर भी आया जब बोर्ड के नियमों और घरेलू क्रिकेट न खेलने के कारण ईशान कुछ समय के लिए विवादों में घिरे और टीम से बाहर भी रहे। आलोचकों ने कहना शुरू कर दिया कि इस लड़के का करियर अब खत्म हो चुका है। लेकिन ईशान किशन ने कभी हार मानना सीखा ही नहीं था। उन्होंने शांत रहकर घरेलू क्रिकेट में वापसी की, बल्ले से रनों का ऐसा पहाड़ खड़ा किया कि चयनकर्ताओं को उन्हें दोबारा टीम इंडिया में चुनना ही पड़ा। आज ईशान भारतीय टीम के सबसे अहम और भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक हैं और फैंस को पूरा भरोसा है कि यह पॉकेट डायनामाइट आने वाले समय में देश को कई और ऐतिहासिक मुकाबले जिताएगा।
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... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय...
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