Kuldeep Yadav का बड़ा धमाका अचानक छोड़ दिया सब कुछ और अब इंग्लैंड की इस धाकड़ टीम से जुड़कर क्रिकेट जगत को किया हैरान


इस समय क्रिकेट की दुनिया से एक ऐसी खबर आ रही है जिसने हर भारतीय क्रिकेट फैन को हैरान कर दिया है। इंटरनेट पर लोग लगातार यही सर्च कर रहे हैं कि क्या सच में कुलदीप यादव इंडिया छोड़ चुके हैं? हर तरफ यह चर्चा तेज है कि टीम इंडिया का यह जादुई चाइनामैन स्पिनर अब इंग्लैंड पहुंच गया है और उसने वहां की एक बड़ी टीम के साथ हाथ मिला लिया है। सोशल मीडिया पर फैंस इस बात को लेकर गहरे सस्पेंस में हैं कि जो खिलाड़ी भारत की जीत की गारंटी माना जाता था, उसने अचानक इंग्लैंड का रुख क्यों किया?

दरअसल, इस पूरे ड्रामे के पीछे की असली वजह इंग्लैंड का  मशहूर काउंटी क्रिकेट है। कुलदीप यादव ने कोई देश नहीं बदला है और न ही वो इंग्लैंड की इंटरनेशनल टीम में शामिल होने जा रहे हैं, बल्कि उन्होंने इंग्लैंड के सबसे ऐतिहासिक घरेलू क्लब यॉर्कशायर (Yorkshire County Cricket Club) के साथ एक बड़े विदेशी खिलाड़ी के तौर पर काउंटी अनुबंध (करार) साइन किया है।

यॉर्कशायर काउंटी में कुलदीप यादव का पूरा शेड्यूल खेलेंगे इतने मैच

भारतीय टीम मैनेजमेंट इस समय कुलदीप को रेड-बॉल (टेस्ट क्रिकेट) के लिए पूरी तरह तैयार करना चाहता है। चूंकि अभी टीम इंडिया का कोई बड़ा इंटरनेशनल दौरा नहीं है, इसलिए कुलदीप ने इस खाली समय का पूरा फायदा उठाया और इंग्लैंड की परिस्थितियों में खुद को परखने का फैसला किया। यॉर्कशायर की तरफ से खेलते हुए कुलदीप इस सीजन में कुल 8 मैच खेलने मैदान पर उतरेंगे:

सफेद गेंद का मुकाबला (5 मैच)  कुलदीप सबसे पहले इंग्लैंड के घरेलू वनडे टूर्नामेंट यानी 'मेट्रो बैंक वन डे कप' में यॉर्कशायर की तरफ से 5 मैचों में अपनी गेंदबाजी का जौहर दिखाएंगे।

 लाल गेंद की असली परीक्षा (3 मैच) इसके बाद सितंबर के महीने में जब काउंटी चैंपियनशिप शुरू होगी, तो कुलदीप 3 फर्स्ट-क्लास (लाल गेंद) मैचों में नजर आएंगे। यही वो जगह है जहां इंग्लैंड की ठंडी और मददगार पिचों पर कुलदीप के हुनर की असली परीक्षा होगी

सचिन और युवराज के एलीट क्लब में मारी एंट्री

इंग्लैंड का यह यॉर्कशायर क्लब अपने आप में एक बेहद प्रतिष्ठित नाम है और इसका इतिहास भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों से जुड़ा रहा है। कुलदीप यादव इस क्लब से जुड़ने वाले कोई पहले भारतीय खिलाड़ी नहीं हैं।

​उनसे पहले क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर और दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने भी इसी यॉर्कशायर की तरफ से खेलते हुए काउंटी क्रिकेट में धमाकेदार एंट्री मारी थी। इन दोनों के अलावा चेतेश्वर पुजारा और अक्षर पटेल भी अलग-अलग सीजन में इस क्लब के लिए खेल चुके हैं। कुलदीप अब इस खास लिस्ट में शामिल होने वाले पांचवें भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।

क्या बीसीसीआई (BCCI) से अनुमति लेकर गए हैं कुलदीप?

इस खबर के आने के बाद कई लोगों के मन में यह सवाल भी था कि क्या कुलदीप ने यह फैसला बीसीसीआई की मर्जी के बिना लिया? लेकिन सच यह है कि कुलदीप ने यह कदम भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की पूरी रजामंदी से उठाया है। बीसीसीआई ने उन्हें बकायदा एनओसी (NOC) दी है। हालिया दौरों पर जब कुलदीप को प्लेइंग-11 में लगातार मौके नहीं मिल रहे थे, तब यह माना गया कि इंग्लैंड में लंबे स्पेल फेंकने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। जब वो वापस टीम इंडिया में लौटेंगे, तो उनकी फिरकी और भी ज्यादा धारदार नजर आएगी।

 सबसे बड़ा सवाल: क्या टीम इंडिया की अनदेखी के कारण कुलदीप ने उठाया यह कदम?

इस पूरे मामले के पीछे एक कड़वा सच यह भी है कि अगर कुलदीप यादव को भारतीय टीम के प्लेइंग-11 में रेगुलर मौके मिलते, तो शायद आज वे इंग्लैंड का रुख नहीं करते। काउंटी क्रिकेट भी इंग्लैंड की एक लीग है, और यदि हमारा एक स्टार खिलाड़ी भारत में रहने के बजाय विदेशी लीग में इतना इंटरेस्ट दिखा रहा है, तो इसकी सबसे बड़ी वजह साफ है—उन्हें भारतीय टीम मैनेजमेंट से वह लगातार सपोर्ट नहीं मिल रहा है जिसके वे हकदार हैं।

भारतीय टीम के सिलेक्टर्स, हेड कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर समेत पूरे सपोर्ट स्टाफ को अब इस पर गंभीरता से सोचना होगा। टीम इंडिया से बस यही गुजारिश है कि अपने इतने बड़े मैच विनर खिलाड़ी को इस तरह जबरदस्ती साइडलाइन न किया जाए। जब किसी खिलाड़ी को अपने ही देश में पूरा मौका और सम्मान मिलेगा, तो वो बाहर जाने के बारे में सोचने से पहले 40 बार सोचेगा। सिलेक्टर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि खिलाड़ियों को इतना मजबूर न किया जाए कि वे घरेलू सीजन में खेलने के बजाय विदेशों में जाकर अपनी किस्मत आजमाने पर विवश हो जाएं।

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                  ... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय... 


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