MS Dhoni की इस जादुई स्टंपिंग के पीछे का क्या है असली सच जानिए ICC के उस नियम की पूरी कहानी
अगर आप क्रिकेट के दीवाने हैं, तो आपको अच्छे से पता होगा कि महेंद्र सिंह धोनी सिर्फ अपने बल्ले या विकेटकीपिंग से मैच नहीं पलटते थे, बल्कि उनका दिमाग क्रिकेट की उस नियम पुस्तिका (Rule Book) से भी तेज चलता था जिसे अंपायर हाथ में लेकर घूमते हैं। धोनी नियमों के बीच से ऐसा रास्ता निकालते थे कि सामने वाली टीम तो छोड़िए, मैदान पर खड़े अंपायर्स के भी पसीने छूट जाते थे। इंटरनेट पर अक्सर एक दावा किया जाता है कि माही की एक स्टंपिंग ने आईसीसी (ICC) को नियम बदलने पर मजबूर कर दिया था, लेकिन आज हम आपको इस ऐतिहासिक मैच की वो असली कहानी बताने जा रहे हैं जो रिकॉर्ड बुक में दर्ज है।
श्रीलंका के खिलाफ वो मैच और मैदान पर मचा बवाल
यह बात है साल 2012 की, जब भारत, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच त्रिकोणीय सीरीज (CB Series) खेली जा रही थी। श्रीलंका के खिलाफ एक बेहद फंसे हुए मैच में विरोधी टीम के बल्लेबाज लाहिरू थिरिमाने क्रीज पर टिके हुए थे। इसी बीच रविचंद्रन अश्विन की एक फिरकी गेंद पर बल्लेबाज चकमा खा गया और विकेट के पीछे खड़े धोनी ने पलक झपकते ही गिल्लियां बिखेर दीं।
धोनी ने जैसे ही स्टंपिंग की अपील की, मैदान पर खड़े अंपायर बिल्ली बोडेन ने बिना देर किए मामला थर्ड अंपायर को सौंप दिया। लेकिन जब टीवी स्क्रीन पर रीप्ले देखा गया, तो जो सामने आया उसने मैदान से लेकर ड्रेसिंग रूम तक सबका दिमाग चकरा दिया।
धोनी का वो मास्टरस्ट्रोक जिसने अंपायर्स को जाल में फंसाया
रीप्ले में साफ दिख रहा था कि जब गेंद विकेट के पीछे आ रही थी, तो धोनी के दस्ताने (Gloves) स्टंप्स की लाइन के बिल्कुल करीब (बॉर्डरलाइन पर) आ चुके थे। अब क्रिकेट का नियम (MCC Law 27.3) यह कहता था कि अगर कोई विकेटकीपर गेंद को स्टंप्स के आगे से पकड़ता है, तो
अंपायर उसे सीधे 'नो बॉल करार दे सकता है
अंपायर बिल्ली बोडेन धोनी को नो बॉल का इशारा करने के बारे में सोच ही रहे थे, क्योंकि नेकेड आई (नग्न आंखों) से यह देखना बेहद मुश्किल था कि धोनी के हाथ लाइन के कितने करीब हैं। लेकिन तभी माही मुस्कुराते हुए उनके पास गए और नियमों की ऐसी परिभाषा सामने रख दी कि अंपायर दंग रह गए। धोनी का तर्क था कि उन्होंने गेंद को स्टंप्स के आगे से नहीं पकड़ा बल्कि अपनी चीते जैसी फुर्ती से गेंद को बिल्कुल लाइन पर रहते हुए कलेक्ट किया है और इससे नियम का कोई उल्लंघन नहीं हुआ। मैदान पर काफी देर तक असमंजस का माहौल रहा, लेकिन धोनी की इस गजब की तकनीक के आगे अंपायर्स को झुकना पड़ा और आखिरकार बल्लेबाज को आउट दे दिया गया।
क्या वाकई आईसीसी को बदलना पड़ा अपना नियम
इस मैच धोनी की इस चालाकी के बाद आईसीसी ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई और विकेटकीपर की पोजीशन को लेकर नियम बदल दिया। लेकिन असली सच यह है कि आईसीसी या एमसीसी (MCC) ने इस घटना के बाद कोई नया नियम नहीं बनाया था। विकेटकीपर का स्टंप्स के आगे न आने वाला नियम क्रिकेट की किताब में पहले से ही मौजूद था।
धोनी ने कोई नियम नहीं बदलवाया था, बल्कि उन्होंने तो उस पहले से मौजूद कठिन नियम की आखिरी सीमा (Boundary) पर जाकर इतनी सटीक स्टंपिंग की थी कि देखने वालों को लगा कि कोई नया नियम लागू हुआ है। धोनी की इस अनोखी तकनीक की वजह से ही क्रिकेट जगत में इस पुराने नियम को लेकर दोबारा से चर्चा शुरू हो गई थी।
यह घटना साफ करती है कि धोनी का दिमाग मैदान पर किस कदर शातिर तरीके से काम करता था। वह नियमों के दायरे में रहकर भी ऐसा खेल जाते थे कि अंपायर्स से लेकर क्रिकेट की सबसे बड़ी संस्थाएं भी हैरान रह जाती थीं। यही कारण है कि आज भी इस मैच को धोनी के सबसे जादुई मैचों में गिना जाता है। आपकी क्या राय है प्लीज नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके हमें ज़रूर बताएं अगर पोस्ट अच्छी लगी हो, तो दोस्तों के साथ शेयर करें
... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय...
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