Sachin Tendulkar Biography in Hindi 5.5 फीट का वो लड़का जिसने क्रिकेट करियर में रचा इतिहास जानें Total Runs और 100 Centuries का महा-रिकॉर्ड
जब-जब क्रिकेट का इतिहास लिखा जाएगा, सुनहरे अक्षरों में एक ही नाम सबसे ऊपर चमकेगा Sachin Ramesh Tendulkar। एक ऐसा नाम, जिसके क्रीज पर आने के बाद भारत के करोड़ों घरों में टीवी ऑन होते थे और उनके आउट होते ही टीवी बंद हो जाते थे। सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता था। आज हम बात करेंगे उस लीजेंड की, जिसने क्रिकेट को सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि भारत में एक 'धर्म' बना दिया।
Sachin Tendulkar Birth & Childhood: जब शरारती सचिन के हाथ में थमा बल्ला
24 अप्रैल 1973 को मुंबई के एक मध्यमवर्गीय परिवार में सचिन का जन्म हुआ। पिता रमेश तेंदुलकर एक मराठी उपन्यासकार थे और उन्होंने सचिन का नाम अपने पसंदीदा संगीतकार सचिन देव बर्मन (SD Burman) के नाम पर रखा था।
बचपन में सचिन बेहद शरारती थे। उनके बड़े भाई अजीत तेंदुलकर ने सचिन की इस बेतहाशा एनर्जी को देखा और उन्हें सही रास्ता दिखाने के लिए मुंबई के मशहूर कोच Ramakant Achrekar सर के पास ले गए। अचरेकर सर ने इस हीरे को पहचाना और शिवाजी पार्क के मैदान में सचिन की वो रगड़ाई शुरू हुई, जिसने उन्हें God of Cricket' बनने की राह पर डाल दिया।
International Debut: 16 साल का वो लड़का और वकार की वो खूनी गेंद!
सचिन ने स्कूल क्रिकेट में ही अपने दोस्त विनोद कांबली के साथ 664 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी करके तहलका मचा दिया था। इसके बाद मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट में हर फॉर्मेट के डेब्यू मैच में शतक ठोक कर उन्होंने नेशनल सेलेक्टर्स के दरवाजे तोड़ दिए।
Sachin Tendulkar International Debut: 15 नवंबर 1989 (पाकिस्तान के खिलाफ, कराची में)।
उम्र: महज़ 16 साल 205 दिन!
वो ऐतिहासिक वाकया:सियालकोट टेस्ट में पाकिस्तान के खूंखार तेज गेंदबाज वकार युनिस की एक तीखी बाउंसर सीधे सचिन की नाक पर लगी। नाक से खून बहने लगा, सबने कहा कि रिटायर्ड हर्ट होकर बाहर चले जाओ। लेकिन उस 16 साल के बच्चे ने अपनी पतली सी आवाज़ में वो दो जादुई शब्द कहे जिसने भारतीय क्रिकेट का इतिहास बदल दिया "मैं खेलेगा!"। अगली ही गेंद पर सचिन ने करारा चौका जड़ा और दुनिया समझ गई कि यह लड़का राज करने आया है।
Sachin Tendulkar Career Records: रनों का वो पहाड़ जिसे तोड़ना नामुमकिन है!
सचिन के करियर के आंकड़े किसी अजूबे से कम नहीं हैं। यहाँ उनके Total Runs और Total Centuries का पूरा लेखा-जोखा है:
क्रिकेट के भगवान' सचिन तेंदुलकर के अंतरराष्ट्रीय और घरेलू करियर के आंकड़े किसी चमत्कार से कम नहीं हैं। उन्होंने अपने करियर में रिकॉर्ड 200 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 51 शतक और 68 अर्धशतकों की मदद से 15,921 रन बनाए, जहाँ उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 248 रन रहा। वनडे (ODI) क्रिकेट की बात करें तो सचिन ने 463 मैचों में 49 शतक और 96 अर्धशतक जड़ते हुए 18,426 रन बनाए हैं, जिसमें उनका बेस्ट स्कोर नाबाद 200 रन है। आईपीएल (IPL) में भी उनका जलवा रहा, जहाँ उन्होंने 78 मैचों में 1 शतक और 13 अर्धशतक के साथ 2,334 रन जोड़े और उनका उच्चतम स्कोर 100 रन रहा। वहीं अपने इकलौते टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) मैच में उन्होंने 10 रन बनाए थे।
Sachin Tendulkar 100 Centuries Record
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक लगाने वाले सचिन दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं। वनडे इतिहास का पहला दोहरा शतक (200 Runs) भी सचिन ने ही साल 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जड़ा था।
कप्तानों का दौर और Favorite Players
सचिन तेंदुलकर ने अपने 24 साल के लंबे करियर में कई महान कप्तानों की छत्रछाया में खेला। उन्होंने कृष्णमाचारी श्रीकांत की कप्तानी में डेब्यू किया था। इसके बाद वो मोहम्मद अजहरुद्दीन, सौरव गांगुली (जिनके साथ उनकी वनडे की ओपनिंग जोड़ी दुनिया की सबसे खतरनाक जोड़ी बनी), और राहुल द्रविड़ की कप्तानी में भी खेले।
Sachin Tendulkar Favorite Player: सचिन खुद महान सर Don Bradman को अपना आदर्श मानते थे। इसके अलावा वेस्टइंडीज के महान सर विवियन रिचर्ड्स और भारत के सुनील गावस्कर उनके ऑल-टाइम फेवरेट रहे।
Sachin Tendulkar and MS Dhoni: एक बेमिसाल बॉन्डिंग और वो आखिरी वर्ल्ड कप
अब आते हैं उस रिश्ते पर जिसे देखकर हर हिंदुस्तानी का दिल गदगद हो जाता है Sachin Tendulkar and MS Dhoni
सचिन तेंदुलकर, धोनी के गेम सेंस और कूल मिजाज के बहुत बड़े फैन थे। बहुत कम लोग जानते हैं कि साल 2007 में जब BCCI कप्तान की तलाश में था, तब सचिन तेंदुलकर ने ही एमएस धोनी का नाम टीम इंडिया के कप्तान के तौर पर रिकमेंड किया था।
धोनी भी सचिन को भगवान की तरह पूजते थे। सचिन का सबसे बड़ा सपना था भारत के लिए 50-ओवर का वर्ल्ड कप जीतना। 5 वर्ल्ड कप बीत चुके थे, लेकिन यह सपना अधूरा था। फिर आया साल 2011!
2011 World Cup Final: एमएस धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने वानखेड़े स्टेडियम में इतिहास रचा। जैसे ही धोनी ने वो विनिंग छक्का मारा, सचिन के आंसू छलक पड़े।
विराट कोहली का वो ऐतिहासिक बयान जीत के बाद टीम ने सचिन को कंधों पर उठाया। तब विराट ने कहा था, तेंदुलकर ने 21 साल तक देश का बोझ अपने कंधों पर उठाया है, अब वक्त है कि हम उन्हें अपने कंधों पर उठाएं।
एक खास बात: सचिन तेंदुलकर ने अपना आखिरी वनडे मैच 2012 में खेला था, लेकिन वर्ल्ड कप के लिहाज से 2011 का वो फाइनल मुकाबला MS Dhoni की कप्तानी में उनका आखिरी ऐतिहासिक वर्ल्ड कप मैच था, जिसने उनके करियर को पूर्णता दी।
Achievements & Bharat Ratna
सचिन ने अपने करियर में आईसीसी वर्ल्ड कप (2011), चैंपियंस ट्रॉफी, और मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल ट्रॉफी (2013) जीती।
लेकिन उनके जीवन का सबसे बड़ा अवॉर्ड तब आया जब साल 2014 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान Bharat Ratna' से नवाजा गया। वह यह सम्मान पाने वाले देश के सबसे युवा और इकलौते खिलाड़ी हैं।
Sachin Tendulkar Retirement: जब रो पड़ा पूरा हिंदुस्तान
16 नवंबर 2013, मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम। सचिन अपना 200वां टेस्ट मैच खेलकर जैसे ही पवेलियन की तरफ लौटे, कमेंट्री बॉक्स से लेकर स्टेडियम में बैठा हर शख्स और टीवी के सामने बैठे करोड़ों फैंस रो रहे थे। उनका वो विदाई भाषण (Farewell Speech) आज भी लोगों के रोंगटे खड़े कर देता है, जब उन्होंने माइक पर कहा था sachin... sachin... will reverberate in my ears until I stop breathing.
तभी तो दुनिया कहती है "If Cricket is Religion, Sachin is God!"
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... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय...
God of cricket
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