Stuart Broad (स्टुअर्ट ब्रॉड) और लंगड़ा भूत: क्रिकेट इतिहास की वो खौफनाक रात जब होटल के कमरे से गद्दा उठाकर भागा इंग्लैंड का ये खूंखार बॉलर
खेल की दुनिया में स्टुअर्ट ब्रॉड का नाम सुनते ही अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों के पैर कांपने लगते हैं। 600 से ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले इस अंग्रेज गेंदबाज ने मैदान पर बड़े-बड़े सूरमाओं को पानी पिलाया है। लेकिन आज हम आपको क्रिकेट के मैदान की नहीं, बल्कि एक आलीशान होटल के उस बंद कमरे की दास्तान सुनाने जा रहे हैं, जहां दुनिया का ये सबसे बेखौफ बॉलर खुद डर के मारे थर-थर कांपने लगा था। यह कहानी है क्रिकेट इतिहास के उस सबसे बड़े और सच्चे पैरानॉर्मल एन्काउंटर की, जिसने पूरी इंग्लैंड टीम को हिला कर रख दिया था।
लमली कासल का वो मनहूस कमरा नंबर 46
बात साल 2005 की है। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच एशेज सीरीज का रोमांच चरम पर था। दोनों टीमें डरहम में थीं और उन्हें ठहराया गया था 'लमली कासल' (Lumley Castle) नाम के एक बेहद आलीशान होटल में। यह होटल कोई आम बिल्डिंग नहीं थी, बल्कि 14वीं सदी का एक प्राचीन महल था। बाहर से देखने में यह जितना भव्य और खूबसूरत था, इसके अंदर का सन्नाटा उतना ही भारी था।
इस होटल में स्टुअर्ट ब्रॉड को अलॉट हुआ था कमरा नंबर 46। मैच की थकान के बाद ब्रॉड अपने कमरे में गहरी नींद सो रहे थे। रात के करीब डेढ़ बजे अचानक उनकी नींद टूटी। कमरे का नजारा पूरी तरह बदल चुका था। बाहर गर्मियों का मौसम था, लेकिन कमरे के अंदर की हवा इतनी ठंडी हो चुकी थी मानो किसी ने सीधे बर्फ की सिल्ली रख दी हो। ब्रॉड को लगा कि शायद कमरे का सेंट्रलाइज्ड एसी खराब हो गया है, लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ जिसने उनके रोंगटे खड़े कर दिए।
सन्नाटे को चीरती हुई लंगड़े पैर की आवाज: खट..खट..खट
कमरे के घने अंधेरे में ब्रॉड को एक अजीब सी आवाज सुनाई देने लगी। ऐसा लग रहा था जैसे कोई भारी कदमों से लंगड़ा-लंगड़ा कर उनके बेड की तरफ बढ़ रहा है। ब्रॉड ने जब हिलने की कोशिश की, तो उनका पूरा शरीर जैसे जाम हो चुका था। डर के मारे उनका गला सूख गया।
तभी उनकी नजर कमरे के एक कोने पर पड़ी। वहां एक धुंधली सी, डरावनी परछाई खड़ी थी। वो कोई इंसान नहीं था, बल्कि उस प्राचीन महल का वो बदनाम लंगड़ा भूत था, जिसके किस्से वहां सदियों से मशहूर थे। ब्रॉड ने अपनी आंखें कसकर बंद कर लीं और कंबल के अंदर दुबक गए। उस वक्त दुनिया का ये सबसे आक्रामक गेंदबाज असहाय महसूस कर रहा था।
आधी रात को जब स्टार क्रिकेटर फर्श पर सोने को मजबूर हुआ
डर का आलम यह था कि स्टुअर्ट ब्रॉड के लिए उस कमरे में एक-एक सेकंड बिताना मौत के कुएं में रहने जैसा था। जैसे ही वो परछाई थोड़ी दूर हटी, ब्रॉड ने अपनी सारी ताकत जुटाई, बेड से अपना गद्दा और तकिया समेटा और बिना पीछे मुड़े सीधे अपने साथी खिलाड़ी मैट प्रायर के कमरे की तरफ भाग खड़े हुए।
जब ब्रॉड ने मैट प्रायर के कमरे का दरवाजा पीटा, तो प्रायर भी उनकी हालत देखकर सन्न रह गए। ब्रॉड का चेहरा डर के मारे एकदम पीला पड़ चुका था और वो बुरी तरह कांप रहे थे। उस रात इंग्लैंड का यह स्टार खिलाड़ी अपने आलीशान बेड पर नहीं, बल्कि मैट प्रायर के कमरे के फर्श पर गद्दा बिछाकर सोए। अगले ही दिन ब्रॉड ने होटल मैनेजमेंट को दो टूक कह दिया कि वो उस भूतिया कमरा नंबर 46 में दोबारा कदम भी नहीं रखेंगे।
क्या है लमली कासल और उस लंगड़े भूत का हिस्टोरिकल सच?
अब सवाल यह उठता है कि आखिर वो भूत था किसका? अगर हम इतिहास के पन्नों को पलटें, तो पता चलता है कि लमली कासल का इतिहास 600 साल से भी ज्यादा पुराना है। 14वीं सदी में इस महल के मालिक की पत्नी 'लेडी लिली लमली' की कुछ पादरियों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी और उनकी लाश को महल के ही एक कुएं में फेंक दिया था।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, लेडी लमली की आत्मा आज भी वहां भटकती है। लेकिन खिलाड़ियों ने जिस साये को देखा, वो लंगड़ाकर चलता था। महल के पुराने रिकॉर्ड्स बताते हैं कि सदियों पहले वहां एक डाकू या चौकीदार की भी रहस्यमयी मौत हुई थी, जो पैर से लंगड़ा था। माना जाता है कि यह उसी का साया था जो कमरा नंबर 46 में अक्सर देखा जाता है।
शेन वॉर्न भी डरकर भाग चुके हैं इस जगह से
आपको जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ स्टुअर्ट ब्रॉड ही इस भूतिया तजुर्बे का शिकार नहीं हुए थे। साल 2000 में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम इस होटल में रुकी थी, तब महान स्पिनर शेन वॉर्न और कप्तान स्टीव वॉ ने भी यहां अजीबोगरीब आवाजें सुनने और परछाइयां देखने का दावा किया था। शेन वॉर्न तो इतने खौफ में आ गए थे कि उन्होंने आधी रात को ही वह होटल छोड़ दिया था और शहर के दूसरे होटल में शिफ्ट हो गए थे।
विज्ञान के पास भी नहीं है जवाब
आज की तारीख में भले ही हम कितनी भी आधुनिक तकनीक की बात कर लें, लेकिन स्टुअर्ट ब्रॉड और शेन वॉर्न जैसे तार्किक और पढ़े-लिखे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के ये बयान साबित करते हैं कि इस दुनिया में कुछ चीजें ऐसी भी हैं, जिन्हें विज्ञान की कसौटी पर नहीं कसा जा सकता। लमली कासल का यह लंगड़ा भूत आज भी क्रिकेट के गलियारों में सबसे बड़ा और अनसुलझा रहस्य बना हुआ है।
तो भाई, यह थी क्रिकेट इतिहास की सबसे सच्ची और खौफनाक कहानी। अगर आप स्टुअर्ट ब्रॉड की जगह उस रात कमरा नंबर 46 में होते, तो आपकी क्या हालत होती कमेंट में अपनी राय जरूर देना! प्लीज अगर पोस्ट अच्छी लगी हो, तो दोस्तों के साथ शेयर करें!
... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय...
Comments
Post a Comment