​The Ghost of St. Mary's: उस आलीशान सेंट मैरी स्टेडियम की खौफनाक दास्तान, जहां रात में आज भी भटकती हैं रूहें और डरते हैं खिलाड़ी


जब भी हम किसी आलीशान फुटबॉल स्टेडियम की कल्पना करते हैं, तो हमारे दिमाग में रोशनी से नहाया हुआ हरा मैदान, हजारों दर्शकों का शोर और पसंदीदा खिलाड़ियों के नारे गूंजते हैं। लेकिन इंग्लैंड के हैम्पशायर में स्थित 'सेंट मैरी स्टेडियम' की कहानी बिल्कुल अलग है। प्रीमियर लीग के मशहूर क्लब साउथेम्पटन एफसी का यह होम ग्राउंड दुनिया के उन चुनिंदा खेल के मैदानों में शामिल है, जहां जाने से पहले लोग आज भी दस बार सोचते हैं।

​इस सेंट मैरी स्टेडियम की चकाचौंध के पीछे एक ऐसा काला और भूतिया सच छिपा है, जिसे साइंस आज तक नहीं समझा पाया

​कब्रिस्तान पर खड़ा हुआ फुटबॉल का साम्राज्य

​बात साल 2001 की है। साउथेम्पटन क्लब अपने 103 साल पुराने मैदान 'द डेल' को छोड़कर एक नए, चमचमाते मैदान में शिफ्ट हुआ, जिसका नाम रखा गया 'सेंट मैरी स्टेडियम'। लेकिन इस आलीशान मैदान को बनाने के लिए जिस जमीन को चुना गया था, उसका इतिहास बेहद डरावना था। दरअसल, यह पूरा इलाका कभी एक पुराना कब्रिस्तान और गैसवर्क्स हुआ करता था

​बुजुर्ग कहते हैं कि जब सेंट मैरी स्टेडियम की नींव रखने के लिए खुदाई शुरू हुई, तो कई पुरानी कब्रों को यहां से वहां किया गया। बस, यही वो पल था जब इस मैदान पर 'अपशकुन' और 'रूहों' का साया मंडराने लगा

​"रात के सन्नाटे में जब सेंट मैरी स्टेडियम की फ्लडलाइट्स बंद हो जाती हैं, तो मैदान के बीचो-बीच किसी के दौड़ने की आवाजें आती हैं। कई बार लॉकर रूम में अपने आप कुर्सियां खिसकने लगती हैं।" — यह दावा किसी बाहरी व्यक्ति का नहीं, बल्कि सेंट मैरी स्टेडियम के सिक्योरिटी स्टाफ और वहां काम करने वाले ग्राउंड्समेन का था

​खिलाड़ियों का खौफ और वो 'सफेद साया

​सेंट मैरी स्टेडियम के शुरू होने के कुछ ही समय बाद, यहां अजीबोगरीब घटनाएं घटने लगीं। साउथेम्पटन की टीम अपने ही नए घरेलू मैदान पर एक के बाद एक मैच हारने लगी। खिलाड़ियों का प्रदर्शन अचानक गिर गया

​कुछ खिलाड़ियों ने दबी जुबान में मैनेजमेंट से शिकायत की थी कि जब वे देर शाम सेंट मैरी स्टेडियम के चेंजिंग रूम (लॉकर रूम) में होते हैं, तो उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे कोई अदृश्य ताकत उन्हें घूर रही हो। गलियारों में अचानक तापमान का बेहद कम हो जाना और अजीब सी फुसफुसाहटें सुनाई देना आम बात हो गई थी। फैंस और लोकल मीडिया ने इसे 'सेंट मैरी स्टेडियम का श्राप' नाम दे दिया

​जब आत्माओं को शांत करने के लिए बुलानी पड़ी 'सफेद जादूगरनी

​बात सिर्फ अफवाहों तक सीमित नहीं रही। टीम लगातार हार रही थी और सेंट मैरी स्टेडियम में खौफ का माहौल था। थक-हारकर साल 2001 के अंत में क्लब के मैनेजमेंट ने एक ऐसा कदम उठाया जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया।

​उन्होंने भूतों को भगाने और मैदान को शुद्ध करने के लिए एक 'सफेद जादूगरनी' (केविन कार्लीयन) को आधिकारिक तौर पर सेंट मैरी स्टेडियम में आमंत्रित किया

​उस जादूगरनी ने पूरे सेंट मैरी स्टेडियम का चक्कर लगाया, कुछ प्राचीन मंत्र पढ़े और मैदान के चारों कोनों पर पवित्र जल छिड़का ताकि उन नाराज आत्माओं को शांत किया जा सके जिनकी कब्रों को सेंट मैरी स्टेडियम बनाने के लिए खोदा गया था

​अंधविश्वास या हकीकत

​हैरानी की बात यह है कि उस अजीबोगरीब अनुष्ठान (पूजा) के ठीक बाद, साउथेम्पटन की टीम ने सेंट मैरी स्टेडियम पर अपनी पहली जीत दर्ज की। विज्ञान इसे एक इत्तेफाक मान सकता है, लेकिन आज भी जब रात के 2 बजे सेंट मैरी स्टेडियम के ऊपर से ठंडी हवाएं गुजरती हैं, तो वहां काम करने वाले कर्मचारी अकेले लॉकर रूम की तरफ जाने की हिम्मत नहीं करते

​फुटबॉल की हरी घास के नीचे दफन वो खौफनाक अतीत आज भी जिंदा है, और सेंट मैरी स्टेडियम की यह दास्तान हमें याद दिलाती है कि खेल की दुनिया जितनी खूबसूरत दिखती है, उसके पीछे के अंधेरे उतने ही गहरे होते हैं

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                          ... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय... 

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