World's Oldest Cricket Ground: लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड का इतिहास और 10 अनोखे रहस्य


जब भी क्रिकेट के इतिहास की बात होती है, तो ज़हन में एक ही नाम आता है लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड (Lord's Cricket Ground) । इसे दुनिया भर में 'क्रिकेट का मक्का' (Mecca of Cricket) कहा जाता है। यदि आप इंटरनेट पर खोजेंगे कि World's oldest cricket ground कौन सा है, तो इतिहास और रुतबे के मामले में लॉर्ड्स का नाम सबसे ऊपर आता है।

 1. लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड कब और कैसे बना? (History of

 Lord's)

लॉर्ड्स मैदान का इतिहास आज से लगभग 212 साल पुराना है। आइए इसे स्टेप-बाय-स्टेप समझते हैं:

 संस्थापक (Founder): इस मैदान को थॉमस लॉर्ड (Thomas Lord) नाम के एक व्यापारी और क्रिकेटर ने बनवाया था। उन्हीं के नाम पर इस ग्राउंड का नाम 'लॉर्ड्स' पड़ा।

 कब बना (Establishment): वर्तमान समय में हम जिस लॉर्ड्स ग्राउंड को देखते हैं, वह 1814 में बनकर तैयार हुआ था।

 तीन बार बदला स्थान: बहुत कम लोग जानते हैं कि थॉमस लॉर्ड ने सबसे पहला ग्राउंड 1787 में 'लॉर्ड्स ओल्ड ग्राउंड' के नाम से बनाया था। इसके बाद 1811 में इसे दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। आखिरी में, 1814 में इसे सेंट जॉन्स वुड (St John's Wood, London) में स्थापित किया गया, जहाँ यह आज भी मौजूद है।

 पहला मैच: इस मौजूदा मैदान पर सबसे पहला मैच 22 जून 1814 को मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) और हर्टफोर्डशायर के बीच खेला गया था।

 2. लॉर्ड्स स्टेडियम की पिच और ग्राउंड की पूरी डिटेल (Pitch & Ground Details)



लॉर्ड्स सिर्फ पुराना ही नहीं है, बल्कि इसकी बनावट भी दुनिया के बाकी स्टेडियमों से बिल्कुल अलग है:

 विशेषता  विवरण

स्थान (Location) सेंट जॉन्स वुड, लंदन, इंग्लैंड |

दर्शक क्षमता (Capacity)  लगभग 31,100

पिच का प्रकार (Pitch Type)  पारंपरिक इंग्लिश पिच (तेज गेंदबाजों और स्विंग के लिए मददगार) |

मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC)  यह लॉर्ड्स का मालिक है और यही संस्था क्रिकेट के नियम (Laws of Cricket) बनाती है। 

 सबसे अनोखी बात: लॉर्ड्स का ढलान (The Lord's Slope)

लॉर्ड्स के मैदान की सबसे बड़ी खासियत इसका Slope' (ढलान) है। मैदान का उत्तर-पश्चिमी छोर (North-West Side), दक्षिण-पूर्वी छोर (South-East Side) की तुलना में लगभग 2.5 मीटर (8 फीट) ऊंचा है।

 खेल पर असर: इस ढलान के कारण जब गेंद टप्पा खाती है, तो वह अपने आप विकेट की तरफ या बाहर की तरफ मूव करती है। दुनिया के बड़े से बड़े बल्लेबाजों को इस ढलान को समझने में सालों लग जाते हैं।

 3. लॉर्ड्स का ऐतिहासिक ऑनर्स बोर्ड (Lord's Honours Boards) क्या है?



लॉर्ड्स के ड्रेसिंग रूम में दो ऐतिहासिक Honours Boards लगे हैं (एक घरेलू टीम के लिए और एक विदेशी टीम के लिए)। इस बोर्ड पर नाम दर्ज कराना हर क्रिकेटर का सबसे बड़ा सपना होता है।

 नियम: यदि कोई खिलाड़ी लॉर्ड्स में टेस्ट मैच के दौरान शतक (100 Runs) बनाता है, या एक पारी में 5 विकेट लेता है, या पूरे मैच में 10 विकेट लेता है, तो उसका नाम इस बोर्ड पर सोने के अक्षरों में लिखा जाता है।

 हैरान करने वाला सच: दुनिया के सबसे महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा, रिकी पोंटिंग और विराट कोहली का नाम इस टेस्ट ऑनर्स बोर्ड पर नहीं है, क्योंकि वे लॉर्ड्स में कभी टेस्ट शतक नहीं बना पाए।

 भारतीय दिग्गज: भारत की तरफ से सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, दिलीप वेंगसरकर, अजिंक्य रहाणे और केएल राहुल जैसे खिलाड़ियों ने यहाँ टेस्ट शतक लगाकर इस बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराया है। कपिल देव और अमरुद्दीन जैसे गेंदबाजों का नाम भी विकेट लेने के लिए यहाँ दर्ज है।

4. लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड से जुड़े 5 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स और रोचक तथ्य

 1983 वर्ल्ड कप की ऐतिहासिक जीत: भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए लॉर्ड्स एक मंदिर जैसा है। 25 जून 1983 को कपिल देव की कप्तानी में भारत ने इसी मैदान पर वेस्टइंडीज को हराकर अपना पहला ICC World Cup जीता था।


दादा की शर्ट लहराना (2002): नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में जब भारत ने इंग्लैंड को हराया, तो कप्तान सौरव गांगुली ने लॉर्ड्स की ऐतिहासिक बालकनी में खड़े होकर अपनी जर्सी उतारी और हवा में लहराई थी। यह क्रिकेट इतिहास का सबसे प्रतिष्ठित पल माना जाता है।

 फादर टाइम वेदरवेन (Father Time Weathervane): लॉर्ड्स के मैदान पर एक अनोखा वेदरकॉक (हवा की दिशा बताने वाला यंत्र) लगा है, जिसे 'Father Time' कहा जाता है। यह समय के देवता को दर्शाता है जो क्रिकेट की गिल्लियां (Bails) हटा रहे हैं। यह लॉर्ड्स की पहचान है।

 लॉर्ड्स की बालकनी: यहाँ का पैवेलियन (Pavilion) पूरी दुनिया में सबसे प्रसिद्ध है। मैच खत्म होने के बाद टीमें इसी बालकनी में आकर ट्रॉफी उठाती हैं।

 दुनिया का पहला इनडोर क्रिकेट स्कूल: लॉर्ड्स के पास अपना एक आधुनिक इनडोर क्रिकेट स्कूल है, जहाँ साल भर खिलाड़ी प्रैक्टिस करते हैं।

लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड सिर्फ ईंट और घास से बना एक मैदान नहीं है, बल्कि यह क्रिकेट का इतिहास और उसकी आत्मा है। 1814 से लेकर आज तक, इस मैदान ने क्रिकेट को बदलते देखा है। यही वजह है कि इसे आज भी दुनिया का सबसे सम्मानित और Oldest Active Cricket Ground माना जाता है।

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                      ... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय... 




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