Bhuvaneshwar Kumar: “2027 का वर्ल्ड कप रिपोर्टर ने पूछा वापसी का सवाल, तो भुवी ने ऐसा कड़क जवाब दिया कि सेलेक्टर्स का मुँह बंद हो गया


क्रिकेट की दुनिया भी ना बड़ी अजीब जगह है यहाँ कब कौन सर-आँखों पर बैठ जाए और कब कौन अचानक सीन से गायब कर दिया जाए, कुछ पता नहीं चलता। और जब बात अपने 'स्विंग के सुल्तान' यानी भुवनेश्वर कुमार की हो, तो दिल में एक अजीब सी टीस उठती है।

​हाल ही में भुवी ने जो कहा है ना, उसने क्रिकेट के गलियारों में सन्नाटा भी खींचा है और बीसीसीआई के गलियारों में एक नई बहस को जन्म भी दे दिया है।

मैं दबाव में नहीं, बस खेलने के मजे ले रहा हूँ

​जब रिपोर्टरों ने भुवी को घेरा और वही पुराना घिसा-पिटा सवाल दागा भाई, टीम इंडिया में वापसी का क्या सीन है? 2027 का वर्ल्ड कप दिमाग में है क्या 

​तो अपने भुवी ने जो जवाब दिया, वो किसी कड़वी सच्चाई से कम नहीं था। उन्होंने बहुत ही बेबाक अंदाज में कहा:

​"मैं यहाँ मैदान पर इसलिए नहीं घिस रहा कि मुझे कहीं चुना जाना है या किसी की नजरों में आना है। भाई, मैं क्रिकेट इसलिए खेल रहा हूँ क्योंकि मुझे इस खेल से प्यार है। मैं कितना तैयार हूँ या नहीं, यह तय करना मेरा काम नहीं है... बाकी सब सेलेक्टर्स के हाथ में है।

​और जब सीधे-सीधे पूछा गया कि अगर कल को टीम इंडिया की कॉल आ जाए तो? तो भुवी ने चेहरे पर एक शांत सी मुस्कान के साथ कहा— "अगर मौका मिलेगा, तो भला मैं मना क्यों करूँगा? लेकिन अब मैंने खुद पर वापसी का भूत सवार करना छोड़ दिया है। अब बस गेम को एन्जॉय कर रहा हूँ।

​क्या वाकई सेलेक्टर्स भुवी को भूल चुके हैं?

​सोचने वाली बात है बॉस! जो बंदा शुरुआती ओवरों में गेंद को दोनों तरफ ऐसे नचाता था जैसे उंगलियों पर लट्टू, वो अचानक सेलेक्टर्स की लिस्ट से ऐसे गायब हुआ जैसे गधे के सिर से सींग।

​आईपीएल में जब भी भुवी बॉल थामते हैं, तो ऐसा लगता है मानो वही पुराना जलवा वापस आ गया। डेथ ओवरों में यॉर्कर फेंकना हो या पावरप्ले में गिल्लियां उड़ाना, बंदा आज भी पानी पिला देता है अच्छे-अच्छों को। आर. अश्विन और रवि शास्त्री जैसे बड़े नाम भी बोल चुके हैं कि भाई, इस बंदे के पास जो क्लास और तजुर्बा है, वो बाज़ार में खरीदने से नहीं मिलता।

​लेकिन सवाल फिर वही अटकी पड़ी है— क्या सेलेक्टर्स का ध्यान सिर्फ युवा खून पर है?

​ये न्यू भुवी' ज्यादा खतरनाक है एक बात तो तय है। जब कोई खिलाड़ी वापसी के प्रेशर से खुद को आजाद कर लेता है ना, तो वो और ज्यादा खतरनाक हो जाता है। भुवी अब किसी को साबित करने के लिए नहीं खेल रहे। वो सिर्फ अपने जुनून के लिए गेंद डाल रहे हैं।

​और सच कहें तो जब कोई बंदा बेखौफ होकर मैदान में उतरता है, तो उसकी स्विंग में वो धार दिखती है जो सिर्फ दिल से खेलने वाले गेंदबाज में ही हो सकती है।

​तो क्या 2027 में दिखेगा वो पुरानी जर्सी वाला जादू?
​अब गेंद पूरी तरह से सेलेक्टर्स के पाले में है। भुवी ने तो साफ़ कह दिया कि 'दरवाज़ा खुला है, आना-ना आना तुम्हारे हाथ में है।

​एक क्रिकेट फैन होने के नाते, दिल तो यही चाहता है कि इस महान स्विंग मास्टर को एक बार फिर नीली जर्सी में देखें। बाकी देखते हैं, बीसीसीआई के 'आकाओं' का दिल कब पिघलता है!

​आपको क्या लगता है ? क्या भुवी की टीम इंडिया में वापसी होनी चाहिए या अब युवाओं का ही दौर रहेगा? नीचे कमेंट करके अपनी राय ज़रूर  बताएं। अगर पोस्ट अच्छी लगी हो, तो दोस्तों के साथ शेयर करें


                          ... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय... 



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