Gautam Gambhir Biography in Hindi दिल्ली के उस लड़के की अनसुनी कहानी जिसने भारत को लड़ना सिखाया जानिए करियर रिकॉर्ड और नेटवर्थ


2011 के वर्ल्ड कप फाइनल की वो शाम शायद ही कोई भारतीय भूल सकता है। स्टेडियम में अजीब सा सन्नाटा था क्योंकि सचिन और सहवाग पवेलियन लौट चुके थे। हर किसी की धड़कनें तेज थीं और उम्मीदें टूटने लगी थीं। ऐसे नाजुक वक्त में दिल्ली का एक लड़का क्रीज पर उतरा और जैसे उसने ठान लिया था कि आज देश का सिर झुकने नहीं देना है। 97 रनों की वो पारी सिर्फ रन नहीं बल्कि एक ऐसा जुनून था जिसने भारत को 28 साल बाद वर्ल्ड चैंपियन बनाया। यही हैं हमारे गौतम गंभीर, जो कभी क्रेडिट के पीछे नहीं भागे, बस देश के लिए खामोशी से लड़ते रहे।

​14 अक्टूबर 1981 को दिल्ली के एक पंजाबी परिवार में जब गौतम गंभीर का जन्म हुआ, तो किसी को अंदाज़ा नहीं था कि यह बच्चा भारतीय क्रिकेट की सोच बदल देगा। उनके पिता दीपक गंभीर एक कपड़े के बड़े कारोबारी हैं और मां सीमा गंभीर एक सादगी पसंद गृहिणी हैं। घर में उनकी एक छोटी बहन भी है जिसका नाम आंचल है। परिवार में पैसों की कोई कमी नहीं थी, लेकिन गौतम का मन पढ़ाई-लिखाई से ज्यादा क्रिकेट के मैदान में रमता था। बचपन में जब दूसरे बच्चे खिलौनों से खेलते थे, तब गौतम के सिर पर सिर्फ लेदर बॉल और बल्ले का खुमार चढ़ा रहता था।

​जब गौतम सिर्फ 10 साल के थे, तब उनके दादाजी ने उनकी आंखों में क्रिकेट का वो गहरा पागलपन भांप लिया था। दादाजी के सपोर्ट से उन्होंने दिल्ली की मशहूर लालचंद राजपूत और संजय भारद्वाज क्रिकेट एकेडमी में कदम रखा। सुबह की पहली धूप के साथ मैदान पहुंचना, घंटों कड़ा अभ्यास करना और नेट पर पसीना बहाना ही उनकी जिंदगी बन गया। एकेडमी से सीखते-सीखते उन्होंने दिल्ली की घरेलू क्रिकेट टीम (रणजी ट्रॉफी) में जगह बनाई। रणजी में अपने बल्ले से रनों की बरसात करके उन्होंने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं को मजबूर कर दिया कि वो उनका नाम भारतीय टीम में शामिल करें।


गौतम के सपनों को असली उड़ान तब मिली जब साल 2003 में बांग्लादेश के खिलाफ उन्हें पहला वनडे इंटरनेशनल खेलने का मौका मिला। इसके ठीक एक साल बाद 2004 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया। शुरुआत में काफी उतार-चढ़ाव आए, लेकिन गौतम ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने भारत के लिए 58 टेस्ट मैचों की 104 पारियों में 41.95 की औसत से 4154 रन बनाए, जिसमें 9 शतक और 22 अर्धशतक शामिल हैं। 2009 में न्यूजीलैंड के खिलाफ नेपियर में 11 घंटे तक क्रीज पर खूंटा गाड़कर बनाई गई उनकी 137 रनों की पारी को आज भी टेस्ट इतिहास की सबसे धैर्यवान पारी माना जाता है।

​वनडे और टी20 प्रारूप में भी गौतम गंभीर का बल्ला जमकर बोला। उन्होंने 147 वनडे मैचों में 39.68 की औसत से 5238 रन बनाए, जिसमें 11 शतक और 34 हाफ सेंचुरी शामिल हैं। टी20 इंटरनेशनल की बात करें तो 37 मैचों में उनके नाम 932 रन दर्ज हैं, और 2007 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ उनके 75 रनों को कौन भूल सकता है आईपीएल में भी उनका दबदबा रहा; उन्होंने 154 मैचों में 4217 रन बनाए और अपनी कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को 2012 और 2014 में दो बार आईपीएल चैंपियन बनाया।


मैदान पर हमेशा एंग्री यंग मैन की छवि रखने वाले गौतम अपनी पर्सनल लाइफ में बेहद शांत और सुलझे हुए इंसान हैं। साल 2011 उनके जीवन का सबसे खूबसूरत साल रहा। वर्ल्ड कप जीतने के कुछ महीनों बाद, अक्टूबर 2011 में उन्होंने नताशा जैन से शादी कर ली। नताशा एक बड़े बिजनेसमैन परिवार से आती हैं और दोनों परिवार एक-दूसरे को सालों से जानते थे। बेहद सादे माहौल में हुई इस शादी के बाद आज उनके घर में दो बेटियां हैं—आजीन और अनाइज़ा। गंभीर अक्सर कहते हैं कि क्रिकेट के सारे तनाव के बाद उनका परिवार ही उनकी असली ताकत और शांति की जगह है।

​संन्यास के बाद गंभीर ने राजनीति में कदम रखा, पूर्वी दिल्ली से सांसद बने और जन रसोई जैसी कई समाज सेवा की मिसालें कायम कीं। अगर उनकी नेटवर्थ और प्रॉपर्टी की बात करें तो आज उनकी कुल संपत्ति लगभग 200 से 250 करोड़ रुपये के बीच है। दिल्ली के राजेंद्र नगर में उनका एक बेहद आलीशान बंगला है और उनके पास ऑडी, बीएमडब्ल्यू जैसी कई लग्जरी गाड़ियों का कलेक्शन है। क्रिकेट से उनका रिश्ता कभी खत्म नहीं हो सका, इसीलिए आईपीएल 2024 में केकेआर को मेंटर के तौर पर ट्रॉफी जिताने के बाद बीसीसीआई ने उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम का मुख्य कोच बनाया। आज वो उसी निडर और बेबाक अंदाज में टीम इंडिया को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।


आपको गौतम गंभीर की यह अनसुनी दास्तां कैसी लगी उनकी कौन सी पारी आपकी सबसे पसंदीदा है, कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर शेयर करें क्रिकेट की ऐसी ही दिलचस्प बायोग्राफी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।


                          ... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय... 

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