IND vs SL 2nd Test शुभमन गिल की एक गलती और सोनल दिनूषा का महा-तांडव मैच हुआ ड्रा लेकिन भारत ने 1-0 से सीरीज पर किया कब्जा
अगर आप भी क्रिकेट के असली ड्रामे रोमांच और दिल थाम देने वाले थ्रिलर के शौकीन हैं तो कोलंबो के ऐतिहासिक मैदान पर भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया दूसरा टेस्ट मैच आपके लिए सुपरहिट फिल्म से कम नहीं था जो मुकाबला चौथे दिन के खेल तक पूरी तरह से भारतीय टीम की मुट्ठी में कैद लग रहा था पांचवें दिन के आखिरी सेशन में उसका जो चौंकाने वाला क्लाइमेक्स निकला, उसने हर क्रिकेट प्रेमी को हैरान करके रख दिया। जीत की बेहद सुनहरी दहलीज पर पहुंचकर भी भारतीय टीम को मुकाबला ड्रा पर खत्म करना पड़ा, हालांकि राहत की बात यह रही कि पहला टेस्ट जीतने की बदौलत भारत ने यह 2 मैचों की टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली है
और इस चमत्कार के सबसे बड़े महानायक रहे श्रीलंका के 24 वर्षीय युवा सनसनी सोनल दिनूषा (Sonal Dinusha), जिन्होंने अकेले दम पर भारतीय गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए और भारतीय कप्तान शुभमन गिल की एक छोटी सी रणनीतिक भूल को मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना दिया
सोनल दिनूषा: अकेला योद्धा जो टीम इंडिया के सामने चट्टान बनकर खड़ा हो गया
सब काम एक तरफ और सोनल दिनूषा की तारीफ एक तरफ! अगर इस पूरी सीरीज में श्रीलंका की तरफ से कोई खिलाड़ी 'वन मैन आर्मी' बनकर उभरा है, तो वो नाम सिर्फ और सिर्फ सोनल दिनूषा का है। इस युवा बल्लेबाज ने जिस धैर्य, जुझारूपन और शानदार क्लास के साथ भारतीय स्पिनर्स और पेसर्स का सामना किया, उसकी जितनी भी तारीफ की जाए कम है।
सोनल दिनूषा का इस सीरीज में अविश्वसनीय और ऐतिहासिक प्रदर्शन
पहला टेस्ट (1st Test) पहली पारी में धमाकेदार शतक (Century) और दूसरी पारी में 83 रनों की बेहद साहसिक पारी
दूसरा टेस्ट (2nd Test - 1st Inning) जब श्रीलंका की पहली पारी लड़खड़ा रही थी, तब संकटमोचन बनकर बनाए शानदार 103 रन
दूसरा टेस्ट (2nd Test - 2nd Inning): फॉलो-ऑन का सामना करते हुए भारी दबाव में ठोंके 133 नाबाद रन (264 गेंदें)* और मैच को ड्रा कराकर ही दम लिया
सोचिए जरा, भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, रवींद्र जडेजा, मानव सुथार और सारांश जैन जैसे खतरनाक गेंदबाज मौजूद थे। लेकिन दिनूषा ने दोनों टेस्ट मैचों की चारों पारियों में ऐसी गजब की निरंतरता दिखाई कि भारतीय गेंदबाज उनके सामने पूरी तरह बेबस नजर आए। पांचवें दिन जब श्रीलंका हार के मुहाने पर खड़ी थी, तब दिनूषा ने 264 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 133 रन बनाए और पुंछल्ले बल्लेबाजों के साथ मिलकर पूरे 154 ओवर तक भारतीय आक्रमण को थका दिया
मैच में टॉस का क्या प्रभाव रहा? (Toss Factor)
इस मुकाबले में टॉस का रोल बेहद अहम और निर्णायक साबित हुआ। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, जो कि परिस्थितियों के हिसाब से एकदम सटीक और मास्टरस्ट्रोक फैसला था। कोलंबो की पिच पर पहले दो-तीन दिन रन बनाना काफी आसान था। भारत ने टॉस का पूरा फायदा उठाते हुए पहली पारी में रनों का ऐसा विशाल अंबार खड़ा कर दिया, जिससे श्रीलंका पर शुरुआत से ही बहुत बड़ा मनोवैज्ञानिक दबाव बन गया था।
भारत की पहली पारी का हाल और भारतीय शेरों का स्कोरकार्ड
टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम ने श्रीलंका के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। भारतीय पारी की नींव रखी ओपनर यशस्वी जायसवाल ने जिन्होंने 53 गेंदों में 9 चौकों के साथ 45 रन बनाए, जबकि के.एल. राहुल 33 गेंदों में 18 रन बनाकर चलते बने। इसके बाद मैदान पर आया देवदत्त पडिक्कल का तूफान, जिन्होंने 193 गेंदों में 12 चौकों की मदद से 117 रनों की बेहद खूबसूरत शतकीय पारी खेली। कप्तान शुभमन गिल ने भी 108 गेंदों में 6 चौकों के साथ 50 रनों का बढ़िया अर्धशतक जमाया, वहीं ऋषभ पंत ने अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में 89 गेंदों में 6 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 63 रन कूट दिए
मिडिल ऑर्डर में रवींद्र जडेजा ने 83 गेंदों में 43 रन बनाकर मजबूत सहारा दिया, लेकिन असली चमक बिखेरी युवा ध्रुव जुरेल ने, जिन्होंने 177 गेंदों में 9 चौकों और 2 छक्कों की बदौलत नाबाद 115 रनों की आतिशी शतकीय पारी खेली! निचले क्रम में सारांश जैन ने 6 रन, मानव सुथार ने 18 रन, मोहम्मद सिराज ने 3 रन और प्रसिद्ध कृष्णा ने नाबाद 4 रन बनाए। एक्स्ट्रा के 21 रनों की बदौलत भारत ने पहली पारी में 9 विकेट खोकर 503 रनों का विशाल पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा करके पारी घोषित कर दी। श्रीलंका के लिए असिथा फर्नांडो ने 4 विकेट, केशरा नुवांथा व प्रभात जयसूर्या ने 2-2 विकेट और लहरू कुमारा ने 1 विकेट झटका।
श्रीलंका की पहली पारी का हाल सुथार और प्रसिद्ध की धार के सामने ढही लंका
भारत के 503 रनों के विशाल पहाड़ के जवाब में उतरी श्रीलंकाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। ओपनर लहरू उदारा को प्रसिद्ध कृष्णा ने महज 1 रन पर यशस्वी के हाथों कैच करा दिया, जबकि कामिल मिशारा 25 गेंदों में 19 रन बनाकर प्रसिद्ध का ही शिकार बने। प्रभात जयसूर्या भी 2 रन बनाकर मानव सुथार की गेंद पर lbw हो गए। यहां से पसुम सोरियाबंदेरा और कमिंदु मेंडिस ने पारी को संभाला। सोरियाबंदेरा ने 133 गेंदों में 9 चौकों के साथ 80 रन बनाए, जिन्हें जडेजा ने बोल्ड किया, वहीं मेंडिस 58 गेंदों में 32 रन बनाकर प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर जडेजा को कैच दे बैठे। कप्तान धनंजय डी सिल्वा भी केवल 8 रन बनाकर मानव सुथार की फिरकी में फंस गए।
इसके बाद मैदान पर सोनल दिनूषा का शो शुरू हुआ! दिनूषा ने निचले क्रम के साथ मिलकर 162 गेंदों में 8 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 103 रनों की जुझारू शतकीय पारी खेली। हालांकि निरोशन डिकवेला शून्य पर सिराज का शिकार बने, केशरा नुवांथा ने 74 गेंदों में 18 रन बनाए (सुथार का शिकार), और लहरू कुमारा ने 58 गेंदों में 12 रन बनाए (सारांश जैन का शिकार)। असिथा फर्नांडो 1 रन पर नाबाद रहे। एक्स्ट्रा के 14 रनों के साथ श्रीलंका की पहली पारी 89.4 ओवरों में 290 रनों पर सिमट गई। भारत के लिए प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार ने 3-3 विकेट, सारांश जैन ने 2 विकेट, जबकि सिराज और जडेजा ने 1-1 विकेट हासिल किया।
भारत का ओवर-कॉन्फिडेंस और कप्तान शुभमन गिल की वो एक ऐतिहासिक चूक
पहली पारी समाप्त होने के बाद भारतीय टीम के पास 213 रनों की बेहद मजबूत और विशाल बढ़त (Lead) हासिल हो चुकी थी। यहीं से मैच का असली ड्रामा और यू-टर्न शुरू हुआ! 213 रनों की बढ़त हाथ में आते ही भारतीय खेमे में शायद थोड़ा ओवर-कॉन्फिडेंस आ गया। कप्तान शुभमन गिल और टीम मैनेजमेंट ने यहां एक बड़ी रणनीतिक चूक कर दी और श्रीलंका को तुरंत फॉलो-ऑन (Follow-on) थमा दिया
अगर भारत खुद दूसरी पारी में बैटिंग करने उतरता और दो सेशन खेलकर 200 रन और जोड़ देता, तो श्रीलंका को जीत के लिए 400 से ज्यादा का नामुमकिन लक्ष्य मिलता और पांचवें दिन की टूटती पिच पर श्रीलंकाई टीम दबाव में आसानी से बिखर जाती। लेकिन गिल के इस फॉलो-ऑन वाले फैसले ने श्रीलंका और खास तौर पर सोनल दिनूषा को मैच में वापसी का सुनहरा मौका दे दिया
पांचवें दिन का रोमांचक संग्राम और श्रीलंका की दूसरी पारी का मीठा स्कोरकार्ड
चौथे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने दूसरी पारी में 229/6 रन बना लिए थे और भारत पर 16 रनों की मामूली बढ़त बना ली थी। पांचवें दिन सुबह जब भारतीय टीम मैदान पर उतरी, तो फैंस को उम्मीद थी कि भारतीय गेंदबाज बाकी बचे 4 विकेट जल्दी चटकाकर भारत को एक छोटा सा टारगेट हासिल करके मैच जिता देंगे। लेकिन पांचवें दिन सोनल दिनूषा ने जो खूंटा गाड़ा, उसने भारतीय गेंदबाजों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया
श्रीलंका की दूसरी पारी में लहरू उदारा 3 रन बनाकर सिराज का शिकार बने। कामिल मिशारा ने 39 गेंदों में 32 रन बनाए (जडेजा की गेंद पर lbw)। इसके बाद पसुम सोरियाबंदेरा ने 173 गेंदों में 10 चौकों और 1 छक्के की बदौलत 92 रनों की मैराथन पारी खेली (मानव सुथार द्वारा स्टंप आउट)। कमिंदु मेंडिस ने भी 92 गेंदों में 55 रन (2 चौके, 3 छक्के) कूटकर प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर गिल को कैच थमाया। कप्तान धनंजय डी सिल्वा 44 गेंदों में 23 रन बनाकर सुथार की गेंद पर पडिक्कल को कैच दे बैठे, जबकि निरोशन डिकवेला 6 रन बनाकर सारांश जैन का शिकार हुए।
इसके बाद आया असली रोमांच! सोनल दिनूषा ने 264 गेंदों में 8 चौकों और 2 छक्कों के साथ नाबाद 133 रनों की ऐतिहासिक पारी खेला उन्हें पुंछल्ले बल्लेबाजों का अभूतपूर्व साथ मिला केशरा नुवांथा ने 150 गेंदों का सामना करके 46 रन बनाए (सुथार का शिकार), प्रभात जयसूर्या ने 28 गेंदों में 2 रन बनाए जडेजा का शिकार और लहरू कुमारा ने 90 गेंदों में 12 रन बनाकर जडेजा का शिकार पूरा दिन निकाल दिया असिथा फर्नांडो 24 गेंदों में शून्य पर नाबाद रहे। एक्स्ट्रा के 25 रनों की मदद से श्रीलंका ने 154 ओवरों में 429/9 रन बनाकर मैच को ड्रा पर समाप्त घोषित करा दिया। भारत के लिए दूसरी पारी में मानव सुथार और रवींद्र जडेजा ने 3-3 विकेट लिए जबकि सिराज प्रसिद्ध और सारांश जैन को 1-1 विकेट मिला।
भले ही भारतीय टीम ने दूसरा टेस्ट ड्रा होने के बावजूद 2 मैचों की इस टेस्ट सीरीज को 1-0 से जीतकर ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमा लिया है, लेकिन यह मुकाबला टीम इंडिया के लिए एक कड़ा और बड़ा सबक छोड़ गया है। टेस्ट क्रिकेट में किसी भी विपक्षी टीम को कमजोर समझना या ओवर-कॉन्फिडेंस में आकर फॉलो-ऑन थमाना कितना भारी पड़ सकता है, यह इस मैच ने साबित कर दिया। वहीं श्रीलंका के लिए सोनल दिनूषा एक ऐसे नए 'वन मैन आर्मी स्टार बनकर उभरे हैं, जिनका नाम भारतीय गेंदबाज काफी समय तक याद रखेंगे
प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज
वैसे इसमें किसी के लिए कोई चौंकाने वाली बात बिल्कुल नहीं होनी चाहिए, क्योंकि जिस खिलाड़ी ने दोनों टेस्ट मैचों की चारों पारियों में भारतीय गेंदबाजों की नाक में दम किया और बैक-टू-बैक शतक ठोके, उस श्रीलंकाई सनसनी सोनल दिनूषा Sonal Dinusha को उनकी इस ऐतिहासिक और जुझारू पारी के लिए निसंदेह प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया वहीं दूसरी ओर, पूरी सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ की हड्डी बनकर उभरे और अपनी क्लास का लोहा मनवाने वाले हमारे अपने युवा स्टार देवदत्त पडिक्कल Devdutt Padikkal को उनके शानदार और निरंतर प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द सीरीज के अवॉर्ड से नवाजा गया। दोनों ही युवाओं ने इस सीरीज में अपने प्रदर्शन से हर किसी का दिल जीत लिया
आपकी क्या राय है दोस्तों क्या कप्तान गिल को खुद दूसरी पारी में बैटिंग करनी चाहिए थी या फिर सोनल दिनूषा की इस अविश्वसनीय पारी की दिल खोलकर तारीफ होनी चाहिए अपनी कीमती राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें
... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय...
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