India Women vs Thailand Women भारत की बेटियों का धमाका थाईलैंड को 94 रन से रौंदकर दर्ज की शानदार जीत


भारत महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपने दमदार खेल से फैंस के चेहरे पर मुस्कान ला दी। India Women vs Thailand Women मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर 159 रन बनाए और इसके जवाब में थाईलैंड की पूरी टीम 16.1 ओवर में सिर्फ 65 रन पर सिमट गई। भारत ने यह मुकाबला 94 रन से अपने नाम किया।

यह मुकाबला Women's Asia Cup के ग्रुप स्टेज में खेला गया, जहां थाईलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। यानी शुरुआत में ही थाईलैंड की टीम ने भारत को बल्लेबाजी के लिए बुलाकर बड़ा लक्ष्य रोकने की कोशिश की, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने मैदान पर आते ही अपना इरादा साफ कर दिया आज गेंदबाजों की शामत आने वाली है


Dubai International Stadium में हुआ मुकाबला, टॉस थाईलैंड के नाम

मुकाबला Dubai International Stadium, Dubai में खेला गया। टॉस थाईलैंड ने जीता और कप्तान ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। दुबई की परिस्थितियों में शुरुआत में बल्लेबाजों के लिए शॉट लगाना आसान हो सकता है, लेकिन जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ती है, गेंद की गति और बल्लेबाज की टाइमिंग मुकाबले में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में भारत के लिए जरूरी था कि वह पावरप्ले में अच्छी शुरुआत करे और बीच के ओवरों में स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाए।

भारत ने यही किया। शुरुआत में कुछ विकेट जरूर गिरे, लेकिन भारतीय बल्लेबाजी क्रम ने लगातार रन जुटाए और अंत में स्कोर को 159/9 तक पहुंचा दिया। दूसरी तरफ थाईलैंड की बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह दबाव में दिखाई दी।

भारत की पहली पारी: स्मृति के जल्दी जाने के बाद शेफाली ने मचाया तहलका

भारत की पारी की शुरुआत स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने की। स्मृति मंधाना ने सिर्फ 10 गेंदों पर 19 रन बनाए, जिसमें 4 चौके शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 190 का रहा, लेकिन वह ज्यादा देर मैदान पर नहीं टिक सकीं और रन आउट होकर पवेलियन लौट गईं।

इसके बाद शेफाली वर्मा ने मोर्चा संभाला और 36 गेंदों पर शानदार 64 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 8 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 177.78 रहा। शेफाली ने जिस अंदाज में गेंदबाजों की धुनाई की, उसे देखकर भारतीय फैंस के लिए मैच की शुरुआत ही मजेदार हो गई।
 
प्रिया रावल ने 18 गेंदों पर 22 रन बनाए, जिसमें 2 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। कप्तान हरमनप्रीत कौर 9 गेंदों पर 5 रन बनाकर आउट हुईं। इसके बाद बी. फुलमाली ने 14 गेंदों में 13 रन बनाए, जबकि ऋचा घोष अपना खाता नहीं खोल सकीं और 1 गेंद पर 0 रन बनाकर आउट हो गईं।

दीप्ति शर्मा ने 7 गेंदों पर 5 रन बनाए। पूजा रावत ने 5 गेंदों पर 6 रन जोड़े। नंदिनी शर्मा ने 4 गेंदों पर 1 रन बनाया। पारी के अंत तक नंदनी चरानी 8 गेंदों पर 6 रन बनाकर नाबाद रहीं, जबकि कृति गौड़ ने सिर्फ 8 गेंदों पर 15 रन की तेज पारी खेली, जिसमें 1 चौका और 1 छक्का शामिल था। भारत ने अतिरिक्त रनों से 3 रन पाए और इस तरह स्कोर पहुंच गया 159 रन पर 9 विकेट।

भारत की पारी में कुल 9 विकेट गिरे। विकेट गिरने का सिलसिला 38 रन पर स्मृति मंधाना के रन आउट से शुरू हुआ। 91 रन पर प्रिया रावल आउट हुईं, 108 रन पर हरमनप्रीत कौर का विकेट गिरा। इसके बाद 124 रन पर शेफाली वर्मा, 127 रन पर ऋचा घोष, 136 रन पर दीप्ति शर्मा, 137 रन पर बी. फुलमाली और 137 रन पर पूजा रावत आउट हुईं। नंदिनी शर्मा के आउट होने के बाद भारत का स्कोर 159/9 तक पहुंचा और नंदनी चरानी तथा कृति गौड़ ने पारी को संभालते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

थाईलैंड की गेंदबाजी: लौमी ने लिए तीन विकेट

थाईलैंड की तरफ से गेंदबाजी में एस. लौमी सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने 4 ओवर में 26 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। सी. सुथिरुआंग ने 3 ओवर में 14 रन देकर 1 विकेट लिया। टी. पुथ्थावोंग ने 4 ओवर में 37 रन देकर 1 विकेट झटका।

इसके अलावा पी. माया ने 3 ओवर में 31 रन दिए लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। एस. चतुरोंगरत्तना ने 3 ओवर में 31 रन देकर 2 विकेट लिए और ओ. कामचोम्पु ने 3 ओवर में 19 रन दिए। भारतीय बल्लेबाजों ने कुछ विकेट गंवाए जरूर, लेकिन स्कोरबोर्ड पर 159 रन लगाने में कामयाब रहे।

160 रन के लक्ष्य के सामने थाईलैंड की हालत खराब

अब थाईलैंड के सामने लक्ष्य था 160 रन। यानी जीत के लिए हर ओवर में अच्छी रन गति बनाए रखना जरूरी था। लेकिन भारत की गेंदबाजी के सामने थाईलैंड की पारी शुरुआत से ही लड़खड़ा गई।

नटचथम ने 5 गेंदों पर 4 रन बनाए। पी. माया ने 8 गेंदों में 6 रन बनाए। नत्थाकोनचारोएनकाई ने 48 गेंदों में 41 रन की पारी खेलकर थाईलैंड की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके शामिल रहे और उन्होंने कुछ समय तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया।

लेकिन दूसरे छोर से उन्हें लगातार सहयोग नहीं मिला। ए. सुवानचोनराथी ने 6 गेंदों पर सिर्फ 1 रन बनाया। सी. सुथिरुआंग ने 7 गेंदों पर 5 रन बनाए। एन. के. हैमिल्टन 3 गेंदों पर 1 रन बनाकर आउट हुईं। एन. चैहान 2 गेंदों पर खाता नहीं खोल सकीं।

एस. लौमी ने 15 गेंदों पर 6 रन बनाए। एस. चतुरोंगरत्तना सिर्फ 1 गेंद खेलकर 0 रन पर आउट हुईं। ओ. कामचोम्पु खाता खोले बिना रन आउट हो गईं। कप्तान टी. पुथ्थावोंग 2 गेंदों पर 0 रन बनाकर नाबाद रहीं।

थाईलैंड की पारी में सिर्फ 65 रन बने और पूरी टीम 16.1 ओवर में ऑल आउट हो गई। अतिरिक्त के रूप में सिर्फ 1 रन मिला। इस तरह भारत ने मुकाबला 94 रन से जीत लिया।

विकेटों का पूरा हाल भी देख लीजिए

थाईलैंड का पहला विकेट सिर्फ 4 रन पर गिरा। 16 रन पर दूसरा विकेट आया और 35 रन पर तीसरा विकेट गिर गया। इसके बाद 44 रन पर चौथा विकेट, 44 रन पर ही पांचवां विकेट और 46 रन पर छठा विकेट गिरा। 60 रन तक पहुंचते-पहुंचते थाईलैंड के 8 विकेट गिर चुके थे। 60 रन पर नौवां विकेट भी चला गया और आखिरकार 65 रन पर पूरी टीम 16.1 ओवर में ऑल आउट हो गई।

यानी भारतीय गेंदबाजों ने ऐसा शिकंजा कसा कि थाईलैंड की बल्लेबाजी को खुलकर सांस लेने का मौका ही नहीं मिला। 

भारत की गेंदबाजी: नंदिनी शर्मा का शानदार स्पेल

भारत की तरफ से नंदिनी शर्मा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट चटकाए। उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 18 रन दिए और 3 विकेट हासिल किए। नंदनी चरानी ने 3 ओवर में 10 रन देकर 2 विकेट लिए।

कृति गौड़ ने 4 ओवर में 26 रन देकर 1 विकेट हासिल किया। पूजा रावत ने 4 ओवर में 11 रन देकर 1 विकेट लिया। दीप्ति शर्मा ने सिर्फ 1.1 ओवर में कोई रन नहीं दिया और 3 विकेट अपने नाम किए। उनके आंकड़े तो कमाल के रहे—1.1 ओवर, 1 मेडन, 0 रन और 3 विकेट! यही वह स्पेल था जिसने थाईलैंड की पारी की कमर तोड़ दी।

शेफाली वर्मा की तूफानी बल्लेबाजी बनी मैच की बड़ी कहानी

भारत की जीत में कई खिलाड़ियों ने योगदान दिया, लेकिन शेफाली वर्मा की 64 रन की विस्फोटक पारी सबसे ज्यादा चर्चा में रही। 36 गेंदों पर 64 रन, 8 चौके और 3 छक्के इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्होंने गेंदबाजों पर कितना दबाव बनाया होगा।

वहीं गेंदबाजी में नंदिनी शर्मा और नंदनी चरानी के साथ दीप्ति शर्मा ने भी थाईलैंड के बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। जब विपक्षी टीम सिर्फ 65 रन पर ढेर हो जाए तो समझ लीजिए कि गेंदबाजों ने अपना काम पूरी ईमानदारी से कर दिया है।

94 रन की बड़ी जीत, भारत ने दिखाया अपना दबदबा

आखिरकार स्कोरबोर्ड पर तस्वीर बिल्कुल साफ थी—भारत 159/9 और थाईलैंड 65 ऑल आउट। भारत ने मुकाबला 94 रन से जीत लिया। भारतीय टीम ने पहले बल्ले से मजबूत स्कोर खड़ा किया और फिर गेंद से थाईलैंड को पूरी तरह दबाव में रखा।

इस मुकाबले में भारत की जीत सिर्फ दो अंकों की कहानी नहीं थी, बल्कि यह टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच शानदार संतुलन की तस्वीर भी रही। एक तरफ शेफाली वर्मा ने बल्ले से आतिशबाजी की, तो दूसरी तरफ भारतीय गेंदबाजों ने थाईलैंड की पारी को लगातार झटके दिए।

और सच कहें तो भारतीय फैंस के लिए इससे प्यारा नजारा क्या होगा—पहले बल्लेबाज चौके-छक्के बरसाएं और फिर गेंदबाज विकेटों की झड़ी लगा दें

पूरा मैच एक नजर में

भारत महिला: 20 ओवर में 159/9। भारत की ओर से शेफाली वर्मा ने 64, प्रिया रावल ने 22, स्मृति मंधाना ने 19, बी. फुलमाली ने 13, कृति गौड़ ने नाबाद 15 और नंदनी चरानी ने नाबाद 6 रन बनाए।

थाईलैंड महिला: 16.1 ओवर में 65 रन पर ऑल आउट। थाईलैंड की ओर से नत्थाकोनचारोएनकाई ने सर्वाधिक 41 रन बनाए, जबकि बाकी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी के सामने ज्यादा देर नहीं टिक सके।

नतीजा: भारत महिला ने थाईलैंड महिला को 94 रन से हराया।

दोस्तों, भारतीय महिला टीम ने क्या कमाल का खेल दिखाया पहले शेफाली वर्मा ने बल्ले से चौके-छक्कों की बारिश की और फिर हमारी गेंदबाजों ने थाईलैंड की पूरी टीम को सिर्फ 65 रन पर समेट दिया। 

भारत ने यह मुकाबला 94 रन से अपने नाम कर लिया और इस शानदार जीत ने फैंस का दिल खुश कर दिया। 

आपको भारत की इस धमाकेदार जीत में सबसे अच्छा क्या लगा शेफाली की तूफानी बल्लेबाजी या गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन? अपनी राय प्यारे से कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए। 

और हां दोस्तों, अगर आपको क्रिकेट की ऐसी ही मजेदार और लेटेस्ट खबरें पसंद हैं, तो इस आर्टिकल को अपने क्रिकेट वाले दोस्तों के साथ शेयर करना बिल्कुल मत भूलिए। क्रिकेट के लाइव अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहिए Cric spot Hindi पर




                           ... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय... 

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