Jasprit Bumrah Biography in Hindi फटे जूतों से की बॉलिंग आज 70 करोड़ की नेटवर्थ और दुनिया का सबसे खतरनाक यॉर्कर किंग बनने का यह शानदार सफर
क्रिकेट की दुनिया में एक कहावत बड़ी मशहूर है बल्लेबाज कितना भी बड़ा धुरंधर हो, जब सामने जसप्रीत बुमराह खड़ा हो ना तो विकेट बचने की उम्मीद आधी हो जाती है।
आज हम बात कर रहे हैं टीम इंडिया के उस मैच विनर की जिसे देखकर बड़े-बड़े ओपनर्स भी संभलकर खेलने में ही भलाई समझते हैं। हां वही अपना जस्सी लेकिन भाई, आज जो बुमराह करोड़ों की गाड़ी में घूमता है, कभी उसकी जिंदगी में ऐसा भी वक्त था जब हालात बहुत ज्यादा मुश्किल थे। चलो चाय की चुस्की लो और सुनो बुमराह की असली और प्रेरणादायक कहानी।
6 दिसंबर 1993 जब दुनिया में आया 'यॉर्कर का उस्ताद
कहानी की शुरुआत होती है 6 दिसंबर 1993 से। इसी पावन दिन गुजरात के अहमदाबाद में एक संस्कारी और हंसते-खेलते सिख परिवार में जसप्रीत सिंह बुमराह का जन्म हुआ। घर में बच्चे की किलकारी गूंजी तो माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं था। उनके पिता जसवीर सिंह और मां दलजीत बुमराह ने अपने लाडले का बड़े लाड-प्यार से स्वागत किया। बचपन में जस्सी बाकी बच्चों की तरह ही शरारती और हंसमुख थे। सब कुछ बहुत शानदार चल रहा था, लेकिन किस्मत कब पलटी मार जाए कोई नहीं जानता।
बचपन का वो बड़ा झटका और क्रिकेट का जुनून
जब जसप्रीत सिर्फ 5 साल के हुए, तब उनके परिवार पर दुखों का एक बहुत बड़ा पहाड़ टूट पड़ा। उनके पिता जसवीर सिंह का अचानक निधन हो गया। अब घर में बचीं सिर्फ उनकी मां दलजीत बुमराह और दो छोटे बच्चे। मां एक स्कूल में प्रिंसिपल थीं, सैलरी इतनी कम थी कि महीने का खर्चा चलाना भी बहुत बड़ी चुनौती थी। बुमराह के पास सिर्फ एक टी-शर्ट और एक ही लोअर हुआ करता था। उसे ही वो रोज धोते थे और रोज सुखाकर पहनते थे। जब उनके स्पोर्ट्स शूज फट जाते थे, तो मां के पास इतने पैसे नहीं होते थे कि तुरंत नए जूते दिला सकें।
लेकिन इसी गरीबी और अकेलेपन के बीच जस्सी को सहारा मिला टीवी पर आने वाले क्रिकेट मैच से। वो टीवी पर वसीम अकरम, ब्रेट ली और ग्लेन मैक्ग्रा की बॉलिंग देखकर झूम उठते थे। यहीं से उनके दिल में बॉलर बनने का भूत सवार हुआ।
अहमदाबाद की कड़कड़ाती दोपहर में जब मां थककर सो जाती थी, तो छोटा सा जसप्रीत घर के ड्राइंग रूम में लेदर की बॉल लेकर दीवार पर फेंकना शुरू कर देता था। अब बॉल की टप-टप से मां की नींद न खराब हो, इसलिए जस्सी बॉल को सीधे दीवार और जमीन के उस कोने (Floor-Wall Junction) पर मारता था, जहां से आवाज सबसे कम आती थी। अनजाने में ही सही, लेकिन घर के उस छोटे से कोने ने उनके अंदर यॉर्कर फेंकने की कला डाल दी थी।
स्कूल से लेकर रणजी ट्रॉफी तक की असली घिसाई
जब जस्सी 14 साल के हुए, तो उन्होंने अपनी मां से साफ कह दिया मां मुझे बस क्रिकेटर ही बनना है। मां ने भी बेटे के जुनून को देखा और उनका एडमिशन अहमदाबाद के 'निर्माण High School' के क्रिकेट कैंप में करवा दिया। यहीं से बुमराह की असली ट्रेनिंग शुरू हुई। स्कूल के कोच किशोर त्रिवेदी ने जब बुमराह का वो अनोखा, सीधे हाथ वाला एक्शन देखा, तो वे हैरान रह गए। कई लोगों ने कहा कि यह एक्शन गलत है, चोट लग जाएगी, लेकिन कोच ने बुमराह को अपने इसी नेचुरल एक्शन के साथ गेंदबाजी करने की छूट दी।
इसके बाद बुमराह ने गुजरात के लोकल क्लब्स की तरफ से खेलना शुरू किया। वे हर रोज सुबह फटे जूते पहनकर, साइकिल से मीलों दूर प्रैक्टिस करने जाते थे। उनकी रफ्तार और सटीक यॉर्कर की चर्चा धीरे-धीरे गुजरात के क्रिकेट गलियारों में होने लगी।
उनकी इस मेहनत का फल तब मिला जब उन्हें गुजरात की अंडर-19 टीम में जगह मिली। वहां शानदार प्रदर्शन के बाद, साल 2013 में सिर्फ 19 साल की उम्र में बुमराह ने गुजरात की तरफ से रणजी ट्रॉफी (First-Class Cricket) में अपना डेब्यू किया। विदर्भ के खिलाफ अपने पहले ही रणजी मैच में इस लड़के ने 7 विकेट चटकाकर तहलका मचा दिया! घरेलू क्रिकेट (Domestic Cricket) में बल्लेबाजों के स्टंप्स उखाड़ते-उखाड़ते बुमराह सेलेक्टर्स की नजरों में चढ़ चुके थे।
किस्मत का यू-टर्न जब मुंबई इंडियंस ने हीरा पहचाना
साल 2013 में ही सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (टी20 डोमेस्टिक टूर्नामेंट) का एक match चल रहा था। मुंबई इंडियंस के कोच जॉन राइट वहां टैलेंट की तलाश में आए थे। उन्होंने देखा कि एक लड़का अपने टेढ़े एक्शन से बल्लेबाजों के हेलमेट के परखच्चे उड़ा रहा है और लगातार यॉर्कर मार रहा है। जॉन राइट ने तुरंत मुंबई इंडियंस के मैनेजमेंट को फोन किया और कहा—"हमें एक ऐसा गेंदबाज मिला है जो आगे चलकर कमाल कर देगा।"
19 साल की उम्र में बुमराह को आईपीएल का टिकट मिला। पहले ही मैच में सामने थे किंग कोहली। कोहली ने बुमराह को लगातार तीन चौके मारे, बुमराह ने हिम्मत नहीं हारी। अगली ही गेंद पर बुमराह ने शानदार वापसी की और कोहली को एलबीडब्ल्यू (LBW) कर दिया
वहां मुंबई इंडियंस में उन्हें मिले 'यॉर्कर के गॉडफादर' लसिथ मलिंगा। मलिंगा ने बुमराह को डेथ ओवर्स में गेंदबाजी करने की वो बारीकियाँ सिखाईं, जिसके बाद बुमराह बल्लेबाजों के लिए पहेली बन गए।
जसप्रीत बुमराह का खतरनाक बॉलिंग रिकॉर्ड
ODI Matches (वनडे करियर) जब जसप्रीत बुमराह वनडे की नीली जर्सी पहनते हैं, तो विरोधी टीम रनों के लिए तरस जाती है। उन्होंने 91 मैचों में 4.59 के कमाल के किफायती इकॉनमी रेट से कुल 151 विकेट निकाले हैं। वनडे क्रिकेट में उनका अब तक का सबसे बेस्ट बॉलिंग फिगर 19 रन देकर 6 विकेट चटकाना रहा है, जो उनकी घातक गेंदबाजी की गवाही देता है।
Test Matches (टेस्ट करियर) लाल गेंद हाथ में आते ही जसप्रीत बुमराह दुनिया के सबसे खतरनाक बॉलर बन जाते हैं। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने अब तक 51 मैचों की 96 पारियों में कुल 231 विकेट चटकाए हैं, जहां उनका गेंदबाजी औसत 19.52 का बेहद शानदार रहा है। टेस्ट में उन्होंने 16 बार पांच विकेट (5-Wicket Haul) लेने का कारनामा किया है और वेस्टइंडीज के खिलाफ 27 रन देकर 6 विकेट लेना उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है।
T20I Matches (टी20 इंटरनेशनल): फटाफट क्रिकेट के इस फॉर्मेट में तो जस्सी का खौफ बल्लेबाजों के सिर चढ़कर बोलता है। टी20 इंटरनेशनल में वे 95 मैच खेलकर 121 विकेट झटक चुके हैं। इस फॉर्मेट में बल्लेबाजों पर अंकुश लगाते हुए उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन न्यूजीलैंड के खिलाफ 15 रन देकर 4 विकेट हासिल करना रहा है।
IPL Matches (आईपीएल करियर): मुंबई इंडियंस के इस सबसे लाडले गेंदबाज ने आईपीएल के इतिहास में भी गहरी छाप छोड़ी है। बुमराह ने आईपीएल में 158 मैच खेलते हुए कुल 187 विकेट अपने नाम किए हैं, जिसमें कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मात्र 10 रन देकर 5 विकेट लेना उनका सबसे घातक स्पेल माना जाता है।
जब बल्ला चला तो बल्लेबाजों की तरह गेंदबाजों को कूटा
टेस्ट और वनडे में बैटिंग रिकॉर्ड: अब अगर तुम सोच रहे हो कि जसप्रीत बुमराह सिर्फ गेंद से स्टंप्स उखाड़ते हैं, तो भाई ऐसा बिल्कुल नहीं है। जस्सी जरूरत पड़ने पर बल्ले से भी पूरा रंग जमाना जानते हैं। उन्होंने स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 35 रन कूटकर टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का सबसे महंगा ओवर बना दिया था। अगर उनके बैटिंग रिकॉर्ड्स को देखें, तो 52 टेस्ट मैचों में उन्होंने टीम के लिए 348 रन जोड़े हैं, जिसमें उनका बेस्ट स्कोर नाबाद 34 रन है। वहीं 91 वनडे मैचों में लोअर ऑर्डर में आकर उन्होंने 111 रन बनाए हैं, जहां उनका टॉप स्कोर नाबाद 20 रन रहा है।
टी20 इंटरनेशनल में बैटिंग रिकॉर्ड: टी20 के फटाफट फॉर्मेट में जसप्रीत बुमराह को आखिरी ओवरों में बल्लेबाजी का ज्यादा मौका तो नहीं मिलता है। फिर भी 95 मैचों में उन्होंने टीम की जरूरत के हिसाब से कुल 12 रन बनाए हैं, जिसमें उनका सबसे बड़ा स्कोर 7 रन का रहा है। यानी जस्सी मौका मिलने पर बल्ले से भी अंग्रेजों की बत्ती गुल कर सकते हैं।
फटे जूतों से लेकर 70 करोड़ से ज्यादा की नेटवर्थ तक का सफर (Net Worth)
भाई, जो लड़का कभी एक जोड़ी कपड़े और फटे जूतों में अभ्यास करता था, आज अपनी मेहनत की बदौलत उसने कामयाबी के शिखर को छुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जसप्रीत बुमराह की नेटवर्थ 70 से 80 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है।
BCCI से सैलरी: बुमराह बीसीसीआई के सबसे बड़े 'A+' ग्रेड कैटेगरी वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिससे उन्हें सालाना 7 करोड़ रुपये की फिक्स सैलरी मिलती है। इसके अलावा हर मैच की फीस अलग से होती है।
IPL की बंपर कमाई मुंबई इंडियंस ने उन्हें 18 करोड़ रुपये मिलता है। यानी आईपीएल के एक सीजन से ही वे करोड़ों की कमाई करते हैं।
लग्जरी गाड़ियों का शौक आज बुमराह के पास मुंबई और अहमदाबाद में बेहद खूबसूरत बंगले तो हैं ही, साथ ही उनके पास Mercedes Benz और Range Rover जैसी बेहतरीन लग्जरी गाड़ियाँ भी हैं।
जब पीठ टूटी लोगों ने कहा 'करियर खत्म फिर हुआ महा-कमबैक
हर बड़े खिलाड़ी के जीवन में एक कठिन परीक्षा का समय आता है। बुमराह के साथ भी ऐसा हुआ जब पीठ की गंभीर चोट (Stress Fracture) के कारण वे लंबे समय के लिए टीम से बाहर हो गए। आलोचकों ने कहना शुरू कर दिया अब बुमराह का पहले जैसा जलवा नहीं रहेगा, वे इतनी रफ्तार से गेंदबाजी नहीं कर पाएंगे
लेकिन भाई, असली चैंपियन वही है जो मुश्किल वक्त में खुद को और मजबूत बनाता है। बुमराह ने नेशनल क्रिकेट एकेडमी में दिन-रात पसीना बहाया। और जब उन्होंने वापसी की... तो ऐसी घातक गेंदबाजी की कि भारत को अकेले दम पर कई ऐतिहासिक मैच जिताए और आलोचकों को अपनी परफॉर्मेंस से जवाब दिया।
चलते-चलते
आज जसप्रीत बुमराह के पास सब कुछ है खूबसूरत पत्नी संजना गणेशन एक प्यारा सा बेटा करोड़ों का बंगला और इज्जत। लेकिन जब वो मैदान पर दौड़ते हैं ना, तो उनके खेल में आज भी वही सादगी और भूख दिखती है जो अहमदाबाद की सड़कों पर फटे जूते पहनकर खेलने वाले उस 5 साल के बच्चे में थी।
तभी तो भाई पूरा हिंदुस्तान फख्र से कहता है सिचुएशन चाहे कितनी भी मुश्किल हो जब तक बुमराह है जीत की उम्मीद जिंदा है फटे जूतों से लेकर दुनिया के सबसे खतरनाक यॉर्कर किंग बनने का यह शानदार सफर और जसप्रीत बुमराह की यह रीयल बायोग्राफी आपको कैसी लगी? अगर जस्सी के इस कड़े संघर्ष ने आपके दिल को छुआ हो, तो कमेंट बॉक्स में अपनी राय हमसे जरूर शेयर करें, क्योंकि आपका हर एक कमेंट हमारे लिए बहुत मायने रखता है। और हां, अगर यह पोस्ट आपको सच में पसंद आई हो, तो इसे अपने क्रिकेट लवर दोस्तों के साथ शेयर करना बिल्कुल मत भूलिएगा, ताकि वे भी जस्सी की इस प्रेरणादायक कहानी को जान सकें।
... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय...
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