Karn Sharma Retirement खामोश हीरो का संन्यास अनसुना चैंपियन अलविदा कह गया
जब बड़े-बड़े स्टार खिलाड़ी मैदान छोड़ते हैं, तो चारों तरफ बहुत शोर होता है लेकिन कुछ ऐसे भी खिलाड़ी होते हैं जो चुपचाप आते हैं, अपना खून-पसीना बहाते हैं और एक दिन बिना किसी बड़ी हलचल के रुखसत हो जाते हैं। करण शर्मा भी भारतीय क्रिकेट का वही खामोश पन्ना हैं। 23 अगस्त 2026 को जब उन्होंने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट्स से अपने संन्यास का ऐलान किया, तो दिल में एक अजीब सी टीस उठी कि काश इस जाबांज हीरो को भी वो पहचान मिली होती, जिसका वो सच में हकदार था।
मेरठ की गलियों से निकलकर टीम इंडिया की नीली जर्सी तक पहुँचने का सफर करण के लिए आसान नहीं था। न कोई बड़ा गॉडफादर था न रातों-रात चमकाने वाला कोई शॉर्टकट। रेलवे की तरफ से खेलते हुए घरेलू क्रिकेट की कठिन पिचों पर उन्होंने सालों तक अपनी लेग स्पिन को तराशा। जब बाकी दुनिया किस्मत के भरोसे बैठी थी, तब यह लड़का अपनी मेहनत के दम पर चयनकर्ताओं का ध्यान खींच रहा था। आखिरकार उनकी निस्वार्थ लगन रंग लाई और उन्हें देश का प्रतिनिधित्व करने का वो पवित्र मौका मिला।
टेस्ट मैच (Test Match) एडिलेड की वो यादगार शुरुआत
दिसंबर 2014 की बात है, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में जब उन्हें पहली और इकलौती टेस्ट कैप मिली। हाथ में लाल गेंद थी और सामने कंगारुओं की खूंखार बल्लेबाजी। उस दबाव भरे माहौल में भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और ऑस्ट्रेलिया के 4 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। भले ही किस्मत ने उन्हें दोबारा सफेद जर्सी पहनने का मौका नहीं दिया, पर उस एक मैच में ही उन्होंने साबित कर दिया था कि उनके अंदर एक लड़ाके का दिल धड़कता है।
वनडे क्रिकेट (ODI Cricket) इतिहास के उस पन्ने में दर्ज नाम
वनडे में भारत के लिए उन्होंने केवल 2 मैच खेले। आंकड़ों के पन्नों पर भले ही उनके खाते में रन या विकेट न दिखें, लेकिन किस्मत का खेल देखिए... वह 2014 में श्रीलंका के खिलाफ उस ऐतिहासिक मुकाबले की प्लेइंग इलेवन में शामिल थे, जहाँ रोहित शर्मा ने 264 रनों का वो अविश्वसनीय महा-रिकॉर्ड बनाया था। उस सुनहरे इतिहास को मैदान पर आँखों के सामने बनते देखना भी अपने आप में एक अलग एहसास है।
टी20 इंटरनेशनल (T20I) जो रूट का वो अनमोल विकेट
सितंबर 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन के मैदान पर उन्हें देश के लिए इकलौता टी20 इंटरनेशनल खेलने का मौका मिला। गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 28 रन देकर 1 विकेट चटकाया और वो विकेट कोई मामूली नहीं, बल्कि इंग्लैंड के सबसे बड़े बल्लेबाज जो रूट का था! एक ही टी20 मैच मिला और उसमें भी दुनिया के दिग्गज को चकमा दे दिया, यही थी इस खिलाड़ी की असली ताकत।
आईपीएल (IPL) लगातार 3 ट्रॉफी जीतने वाला असली लकी चार्म
आईपीएल में करण शर्मा का नाम सोने के अक्षरों में लिखा जाएगा। 90 मैचों में 83 विकेट और 352 रन बनाना तो एक तरफ है, पर असली जादुई रिकॉर्ड कुछ और है। वो आईपीएल इतिहास के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने लगातार तीन साल, तीन अलग-अलग टीमों के साथ चैंपियन बनने का स्वाद चखा 2016 में हैदराबाद, 2017 में मुंबई और 2018 में चेन्नई! वो जिस टीम के साथ भी जुड़े, मानो ट्रॉफी उस टीम के पास खुद-ब-खुद खिंची चली आई।
घरेलू क्रिकेट (Domestic Cricket) सालों की मेहनत और लगन
भले ही इंटरनेशनल लेवल पर दुनिया उन्हें उस तरह न पहचान पाई हो, पर घरेलू क्रिकेट की गलियों में उनका नाम बेहद सम्मान से लिया जाता है। लगभग 100 फर्स्ट क्लास मैचों में 2,866 रन और 270 विकेट झटकना कोई बच्चों का खेल नहीं है। लिस्ट-ए में 153 विकेट और घरेलू टी20 में 168 विकेट लेकर उन्होंने रेलवे, विदर्भ और आंध्र जैसी टीमों को अनगिनत मैच जिताए।
दोस्तों, क्या आप करण शर्मा को जानते हैं? इंटरनेशनल से तो वो संन्यास ले चुके हैं, लेकिन यूपी टी20 लीग में खेलते हुए 25 तारीख को वो आखिरी बार मैदान पर अपनी जादूगरी दिखाते नजर आएंगे। 25 अगस्त को उनका यह आखिरी मुकाबला होगा और उसी के साथ इस महान प्लेयर का एक लंबा, खूबसूरत और यादगार क्रिकेट सफर हमेशा-हमेशा के लिए थम जाएगा। इस दिल छू लेने वाले पल में हम सब मिलकर इस खामोश चैंपियन को कैसे अलविदा कहें
एक ऐसा खिलाड़ी जिसने कभी लाइमलाइट की परवाह नहीं की, बस चुपचाप अपनी गेंद और बल्ले से अपना फर्ज निभाता रहा, उनके इस इमोशनल रिटायरमेंट और शानदार करियर पर अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं! और अपने क्रिकेट लवर दोस्तों के साथ यह अपडेट शेयर करना बिल्कुल भी ना भूलें। इस सैड मोमेंट को याद रखते हुए, क्रिकेट की हर लाइव अपडेट और रोमांचक अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें
... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय...
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