RCB IPL Trophy Winner 2025-2026 18 साल का सूखा खत्म वो ट्रॉफी जिसने RCB को लूजर लॉलीपॉप और ईसाला कप नामदे के टैग से किया मुक्त जानिए चैंपियन बनने की कहानी


एक वक्त था जब आईपीएल शुरू होते ही आरसीबी के फैंस अपनी शर्ट चौड़ी करके घूमते थे। लेकिन मई महीना आते-आते वही फैंस अपना मुंह छुपाने पर मजबूर हो जाते थे। अठारह सालों से जो ताने इस टीम ने सहे हैं, उसका दर्द सिर्फ एक सच्चा फैन ही समझ सकता है। कोई इस टीम को लॉलीपॉप बोलकर चिढ़ाता था, तो कोई सीधे कह देता था कि भाई आरसीबी का मालिक टीम बेचने के बाद दो ठो जेसीबी खरीद ले, कम से कम धंधा तो अच्छा चलेगा।

​हद तो तब हो गई जब लोग विराट कोहली को ही पनौती बोलने लगे। सोशल मीडिया पर खुलेआम ट्रोल किया जाता था कि विराट की वजह से ही आरसीबी ट्रॉफी नहीं जीत पा रही है। लोग यहाँ तक सलाह देने लगे थे कि विराट को आरसीबी का पीछा छोड़ देना चाहिए। वो मुंबई या चेन्नई जैसी टीम में चले जाएं, ताकि कम से कम उनके हाथ में भी एक ट्रॉफी आ सके। हर साल 'ई साला कप नामदे' का नारा बजता था और विरोधी टीमें आरसीबी के फैंस की वफादारी की धज्जियाँ उड़ाती थीं।

​साल 2008 से लेकर 2024 तक बड़े-बड़े दिग्गज कप्तान आए और चले गए। अनिल कुंबले, डैनियल विटोरी, खुद विराट कोहली और फैफ डु प्लेसिस जैसे कई कप्तानों ने जोर लगाया, लेकिन कोई भी इस टीम को चैंपियन नहीं बना सका। फिर 2025 में कप्तानी की बागडोर एक युवा और नए चेहरे रजत पाटीदार के हाथों में सौंपी गई। और फिर जो हुआ, उसने क्रिकेट के इतिहास को ही पलट कर रख दिया।

​रजत पाटीदार ने आते ही आरसीबी के सिर से 'लूजर  पनौती लॉलीपॉप और ई साला कप नामदे जैसे तानों का टैग हमेशा-हमेशा के लिए उखाड़ फेंका। पाटीदार की शांत और चालाक सोच ने अठारह साल के सूखे को खत्म करते हुए साल 2025 में आरसीबी को पहली बार ट्रॉफी जिताई। हद तो तब हो गई जब उन्होंने 2025 में जिताने के बाद रुकने का नाम नहीं लिया और 2026 में भी बैक-टू-बैक लगातार दूसरी ट्रॉफी जिताकर विरोधियों को पूरी तरह सन्न कर दिया।

​साल 2025 का वो पहला फाइनल मैच आज भी फैंस के रोंगटे खड़े कर देता है। जैसे ही आखिरी गेंद पड़ी और आरसीबी ने ट्रॉफी उठाई, मैदान पर विराट कोहली घुटनों के बल बैठकर बच्चों की तरह बिलख-बिलख कर रोने लगे। वो आंसू हार के नहीं, बल्कि अठारह साल के लंबे इंतजार के थे। दो साल में लगातार दो बार ट्रॉफी जीतकर आरसीबी ने साबित कर दिया कि यह जीत कोई तुक्का नहीं थी।

​जो लोग विराट को पनौती और टीम को लॉलीपॉप बोलते थे आज वही लोग तालियाँ बजाने पर मजबूर हैं। अब नवंबर में रिटेंशन लिस्ट आने वाली है और दिसंबर में 2027 का मिनी ऑक्शन होना है। लेकिन इस बार माहौल बिल्कुल अलग है, क्योंकि विरोधी टीमें डरी हुई हैं और आरसीबी के फैंस छाती ठोककर घूम रहे हैं।

वैसे आपकी इस पर क्या राय है? क्या आपको भी लगता है कि रजत पाटीदार को कप्तानी सौंपने का वो एक फैसला ही आरसीबी की किस्मत पलटने का असली मास्टरस्ट्रोक था, या टीम की किस्मत में यह ट्रॉफी लिखी ही थी क्या आरसीबी 2027 के सीजन में हैट्रिक लगाकर तीसरी बार भी चैंपियन बन पाएगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं! अगर आप भी आरसीबी के सच्चे वाले फैन हैं तो इस धमाकेदार आर्टिकल को अपने सभी क्रिकेट लवर दोस्तों के साथ शेयर करना बिल्कुल न भूलें। खेल और आईपीएल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी लाइव अपडेट के लिए हमारे साथ ऐसे ही जुड़े रहें 


                           ... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय... 

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