Rishabh Pant Biography in Hindi गुरुद्वारे का लंगर, 100 करोड़ की नेटवर्थ ईशा संग लव लाइफ खौफनाक हादसा और जिद्दी पंत की अनसुनी दास्तान

सोचिए, एक 12 साल का बच्चा रात के 2 बजे अपनी मां का हाथ पकड़े दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे के फर्श पर सो रहा हो, सुबह लंगर खाकर पसीना बहाने मैदान में उतरता हो और वही लड़का आगे चलकर दुनिया के सबसे बड़े गेंदबाजों के छक्के छुड़ा दे! जी हां, यह कहानी सिर्फ चौके-छक्कों की नहीं है। यह कहानी है रुड़की के एक ऐसे लड़के की, जिसे जब-जब किस्मत ने तोड़ना चाहा, वह उतनी ही तेजी से बाउंस बैक करके मुस्कुराता हुआ खड़ा हो गया। आइए जानते हैं ऋषभ पंत की जिंदगी का वो सफर जो किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।

​4 अक्टूबर 1997: जन्म और रुड़की की गलियों से शुरुआत

​ऋषभ का जन्म 4 अक्टूबर 1997 को उत्तराखंड के छोटे से शहर रुड़की में हुआ। उनके पिता राजेंद्र पंत और मां सरोज पंत ने देखा कि लड़के के हाथ में बल्ला आते ही वह लंबे-लंबे छक्के उड़ाने लगता है। रुड़की में क्रिकेट सीखने के लिए कोई बढ़िया जगह नहीं थी, इसलिए साल 2009-10 के आसपास 12 साल की उम्र में उनकी मां उन्हें लेकर दिल्ली आ गईं।  

​2009 से 2013: रात को गुरुद्वारे में सोना और राजस्थान से रिजेक्शन

​दिल्ली में रहने-ठहरने का कोई ठिकाना नहीं था। ऋषभ और उनकी मां हर वीकेंड रुड़की से रात वाली बस पकड़ते, रात 2 बजे दिल्ली उतरकर सीधे बंगला साहिब गुरुद्वारे में सोते, सुबह लंगर खाते और फिर ऋषभ सॉनेट क्लब में प्रैक्टिस करने पहुंच जाता। यहीं उन्हें कोच स्वर्गीय तारक सिन्हा का साथ मिला, जिन्होंने उनके खेल को तराशा। बीच में बेहतर मौकों के लिए ऋषभ राजस्थान भी गया, अंडर-14 और अंडर-16 खेला, लेकिन वहां की अंदरूनी राजनीति के चक्कर में उसे टीम से बाहर कर दिया गया। दिल तो टूटा, लेकिन तारक सर ने उसे वापस बुलाकर कहा—"अब सीधा बल्ले से मुंहतोड़ जवाब देना है।"

​2015: 18 की उम्र में रणजी डेब्यू और 308 रनों का तूफान

मेहनत रंग लाई और साल 2015 में सिर्फ 18 साल की उम्र में ऋषभ को दिल्ली की रणजी टीम में एंट्री मिल गई। डेब्यू के बाद 2016 के सीजन में तो उसने गदर ही मचा दिया। महाराष्ट्र के खिलाफ 308 रनों की ट्रिपल सेंचुरी ठोक डाली और फिर झारखंड के खिलाफ सिर्फ 48 गेंदों में शतक जड़कर रणजी इतिहास का सबसे तेज शतक बना दिया।

​2016: अंडर-19 वर्ल्ड कप, पिता का साया उठना और IPL में एंट्री

​2016 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में नेपाल के खिलाफ सिर्फ 18 गेंदों में फिफ्टी ठोक कर ऋषभ दुनिया की नजरों में आ गया। इसी धमाकेदार खेल के दम पर 2016 के IPL ऑक्शन में दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) ने उसे 1.9 करोड़ रुपये में खरीदा। पर किस्मत का खेल देखिए जिस दिन IPL में उस पर करोड़ों की बोली लगी, ठीक उसी दिन उसके पिता का साया सिर से उठ गया। ऋषभ ने गम का घूंट पिया और भारी दिल से मैदान पर उतरकर रन बनाता रहा।

​2017 से 2018: टीम इंडिया में डेब्यू और विदेशी पिचों पर तहलका

​घरेलू क्रिकेट और IPL में तबाही मचाने के बाद जनवरी 2017 में उसका T20I डेब्यू हुआ। फिर अगस्त 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया और अपनी पहली ही टेस्ट सीरीज में ओवल के मैदान पर करारा शतक जड़ दिया। इसके बाद अक्टूबर 2018 में वनडे डेब्यू हुआ और उसी साल ऑस्ट्रेलिया के सिडनी टेस्ट में नाबाद 159 रन बनाकर उसने साबित कर दिया कि वह कोई तुक्का नहीं, बल्कि लंबी रेस का घोड़ा है।

​2021: गाबा का ऐतिहासिक करिश्मा

2021 की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन (गाबा) टेस्ट में जब भारत के बड़े-बड़े धुरंधर पस्त हो चुके थे, तब ऋषभ ने नाबाद 89 रनों की दिलेर पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया का घमंड तोड़ा और भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई। इसी पारी ने पंत को रातों-रात भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा मैच-विनर बना दिया।

​30 दिसंबर 2022: वो खौफनाक रात जिसने सांसें थाम दीं

​सब कुछ सपने जैसा चल रहा था, तभी 30 दिसंबर 2022 की सुबह-सुबह वो भयानक हादसा हुआ। अपनी मां को सरप्राइज देने रुड़की जा रहे ऋषभ की मर्सिडीज कार हाईवे पर डिवाइडर से टकराकर जलकर राख हो गई। पंत जैसे-तैसे शीशा तोड़कर बाहर निकला। शरीर पर 44 से ज्यादा टांके आए, घुटने का लिगामेंट पूरी तरह फट गया। डॉक्टरों ने साफ कह दिया था कि दोबारा सामान्य चलना भी मुश्किल होगा, लेकिन पंत की जिद्द के आगे खुद किस्मत को झुकना पड़ा।

​2024: मौत को छकाकर वापसी और T20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी

लगभग 15 महीने की असहनीय तकलीफ, व्हीलचेयर का दर्द और घंटों का रिहैब झेलकर मार्च 2024 में उसने IPL से वापसी की। फिर जून 2024 में भारत को T20 वर्ल्ड कप जिताने में अहम रोल निभाया और दुनिया को दिखा दिया कि बंदा भले ही गिर जाए, पर हारना उसने सीखा ही नहीं है!

​ऋषभ पंत के करियर के एग्जैक्ट आंकड़े (Career Stats)

​ऋषभ पंत का इंटरनेशनल और डोमेस्टिक करियर केवल बातों में नहीं, बल्कि इन सटीक आंकड़ों में साफ झलकता है:

​टेस्ट क्रिकेट: ऋषभ ने अब तक 50 टेस्ट मैचों की 87 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 3,557 रन बनाए हैं। इसमें 8 शतक और 19 अर्धशतक शामिल हैं, जहाँ उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 159* रन रहा है।  

​वनडे क्रिकेट (ODI): भारत के लिए खेले 31 वनडे मैचों में ऋषभ ने 871 रन बनाए हैं। वनडे में उनके नाम 1 शतक और 5 अर्धशतक दर्ज हैं, जिसमें बेस्ट स्कोर 125 रन है।  

​टी20 इंटरनेशनल (T20I) T20I में उन्होंने भारत के लिए 76 मैच खेलते हुए 1,209 रन बनाए हैं, जिसमें 3 अर्धशतक शामिल हैं।  

​आईपीएल (IPL) आईपीएल में ऋषभ पंत ने कुल 139 मैच खेले हैं। इसमें उनके बल्ले से 3,865 रन निकले हैं, जिसमें 2 शतक और 20 अर्धशतक शामिल हैं। उनका आईपीएल बेस्ट स्कोर 128 रन है।  

​लव लाइफ, 100 करोड़ की नेटवर्थ और पर्सनल लाइफ


मैदान के बाहर भी ऋषभ की लाइफ काफी कूल रहती है। उसकी गर्लफ्रेंड का नाम ईशा नेगी (Isha Negi) है, जो पेशे से इंटीरियर डिजाइनर है। दोनों सालों से एक-दूसरे के साथ हैं और अक्सर सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते रहते हैं।  

​कभी गुरुद्वारे में लंगर खाकर दिन गुजारने वाला यह लड़का आज लगभग 100 से 105 करोड़ रुपये की नेटवर्थ का मालिक है। बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट, IPL सैलरी और boAt, Dream11 जैसे बड़े ब्रांड्स से उसकी मोटी कमाई होती है। उसके गेराज में मर्सिडीज और ऑडी जैसी महंगी गाड़ियां खड़ी हैं। वह अपनी मां सरोज और बहन साक्षी के बेहद करीब है और अपनी हर कामयाबी का श्रेय उन्हीं को देता है।

आपकी राय हमारे लिए खास है 

गुरुद्वारे के फर्श पर सोने से लेकर 100 करोड़ का मुकाम हासिल करने और फिर मौत के मुंह से बाहर निकलकर मैदान पर फिर से दहाड़ने वाले जिद्दी ऋषभ पंत की यह दर्दनाक और अनसुनी कहानी आपको कैसी लगी? क्या पंत की इस वापसी ने आपके दिल को भी छुआ अपनी भावनाएं और राय नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर हमसे जरूर शेयर करें। और हाँ, अगर इस जिद्दी लड़के का यह सफर आपको थोड़ा सा भी प्रेरित कर गया हो, तो को अपने उन दोस्तों और क्रिकेट लवर्स के साथ शेयर करना बिल्कुल मत भूलिएगा जो जिंदगी की मुश्किलों से हार मानने लगते हैं

                     

                          ... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय... 

Comments

Popular posts from this blog

IPL इतिहास का सबसे बड़ा भूचाल: रो पड़े थाला धोनी! 18 साल की 'अमर जोड़ी' का हुआ दर्दनाक अंत, CSK फैंस के लिए आज का दिन बना 'ब्लैक डे'! 🚨😭

भारत में E.Sports करियर का सच गेमिंग से पैसे कैसे कमाएं

MS Dhoni Biography in Hindi धोनी का वो दौर जब सिलेक्टर्स नहीं बल्कि थाला तय करते थे टीम की तकदीर