Rocky Flintoff Century: एंड्रयू फ्लिंटॉफ के 16 साल के बेटे रॉकी का ऐसा तूफान उड़ गए गेंदबाजों के होश
अरे भाई क्रिकेट की दुनिया में एक कहावत है शेर का बेटा शेर ही होता है
अब जो लोग नहीं जानते कि ये दोनों कौन हैं, उन्हें छोटे शब्दों में बता दें! एंड्रयू फ्लिंटॉफ इंग्लैंड के वो खूंखार ऑलराउंडर थे, जो अकेले दम पर मैच जिताने के लिए जाने जाते थे (2005 एशेज सीरीज़ का वो हीरो!). और रॉकी फ्लिंटॉफ उन्हीं एंड्रयू के 16 साल के साहबजादे हैं! अगर आपको लगता था कि एंड्रयू जैसे धाकड़ खिलाड़ी रोज़-रोज़ पैदा नहीं होते, तो जरा ठहरिए! उनके बेटे रॉकी ने मैदान पर ऐसा गदर मचाया है कि देखने वाले अपनी उंगलियाँ दबा बैठे हैं।
जिस उम्र में बच्चे मोबाइल में गेम खेलते हैं या स्कूल के होम-वर्क से परेशान होते हैं, उस उम्र में एंड्रयू फ्लिंटॉफ का यह 16 साल का बेटा काउंटी क्रिकेट में बड़े-बड़े गेंदबाज़ों के धागे खोल रहा है! आइए जानते हैं इस लड़के के उस तूफानी शतक की पूरी कहानी जिसने क्रिकेट वर्ल्ड में तहलका मचा दिया है।
मैदान पर आया फ्लिंटॉफ का पुराना अवतार
लंकाशायर (Lancashire) की तरफ से खेलते हुए रॉकी जब क्रीज़ पर उतरे, तो किसी को अंदाज़ा नहीं था कि अगले कुछ घंटों में क्या होने वाला है। गेंदबाज़ों ने सोचा होगा कि नया-नया 16 साल का लड़का है, दबाव में आ जाएगा... लेकिन रॉकी ने पहली ही गेंद से अपने तेवर साफ कर दिए!
वही अंदाज़, वही पावर: जैसे उनके पिता एंड्रयू फ्लिंटॉफ अपने ज़माने में लंबे-लंबे छक्के जड़कर स्टेडियम की छत पर बॉल पहुंचाते थे, ठीक वही मस्कुलर पॉवर रॉकी के शॉट्स में नज़र आई।
शतक ठोका और इतिहास रचा: रॉकी ने महज़ 16 साल की उम्र में ऐसा धमाकेदार शतक जड़ा कि विरोधी कप्तान सिर्फ अपना सिर पकड़कर रह गया। गेंदबाज़ जहाँ भी बॉल फेंकते, रॉकी उसे बाउंड्री पार भेज देते!
बाप नंबरी तो बेटा दस नंबरी
एंड्रयू फ्लिंटॉफ को कौन भूल सकता है 2005 की एशेज सीरीज़ में ऑस्ट्रेलिया की धज्जियाँ उड़ाने वाले फ्लिंटॉफ आज अपने बेटे की यह पारी देखकर गर्व से चौड़े हो गए होंगे।
ड्रेसिंग रूम में मौजूद लोगों का कहना है कि जब रॉकी अपने शॉट्स खेल रहे थे, तो ऐसा लग रहा था मानो 20 साल पुराना एंड्रयू फ्लिंटॉफ फिर से बैटिंग करने उतर आया हो। बैकफुट पंच हो या फ्रंटफुट पर आकर लगाया गया गगनचुंबी छक्का, हर शॉट में वही क्लास और वही बेखौफ अंदाज़ दिखा!
क्या इंग्लैंड को मिल गया अगला सुपर-स्टार
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) की नज़रें काफी समय से रॉकी पर थीं, लेकिन इस शतक के बाद तो मानो फैंस ने सोशल मीडिया पर मांग उठा दी है कि इस लड़के को जल्द से जल्द नेशनल टीम की कैप पहनाई जाए। जिस निडरता से यह लड़का प्रेशर सिचुएशन में खेलता है, उससे यह तो साफ है कि क्रिकेट वर्ल्ड में "फ्लिंटॉफ" नाम का राज अभी खत्म नहीं हुआ है!
तो गुरु, क्या लगता है आपको
क्या रॉकी अपने पिता एंड्रयू फ्लिंटॉफ से भी बड़े ऑलराउंडर बन पाएंगे? या फिर अभी उन्हें अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के लिए थोड़ा और इंतज़ार करना चाहिए?
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... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय...
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