The Hundred 2026 ML vs BP Match 32: MI London vs Birmingham Phoenix MI London ने बर्मिंघम को 2 रन से हराया जानिए रिचर्ड ग्लीसन के उस एक मास्टरस्ट्रोक फैसले ने कैसे छीनी जीत
अरे भाई क्या गजब का मैच हुआ है अगर तुमने 12 अगस्त 2026 की रात को यह मुकाबला नहीं देखा, तो यकीन मानो क्रिकेट का असली रोमांच मिस कर दिया। 'द हंड्रेड 2026' का 32वां मैच एजबेस्टन (बर्मिंघम) के ऐतिहासिक मैदान पर रात 11:00 बजे एमआई लंदन (ML) और बर्मिंघम फीनिक्स (BP) के बीच खेला गया। मुकाबला इतना कांटे का था कि आखिरी गेंद तक किसी को नहीं पता था कि कौन जीतेगा, लेकिन अंत में एमआई लंदन ने बर्मिंघम फीनिक्स को 2 रन से हराकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस मैच में 2/29 का शानदार स्पेल फेंकने वाले रिचर्ड ग्लीसन को उनकी बेहतरीन गेंदबाजी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
टॉस का गणित और एजबेस्टन की पिच का मिजाज
मैच की शुरुआत बर्मिंघम फीनिक्स के कप्तान डोनोवन फेरेरा के टॉस जीतने के साथ हुई। उन्होंने बिना किसी झिझक के पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। एजबेस्टन की पिच पर शुरुआत में थोड़ी नमी थी, जिससे तेज गेंदबाजों को अच्छी स्विंग और उछाल मिल रहा था। शुरुआती ओवरों में गेंद बल्ले पर सही आ रही थी, लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ा, पिच थोड़ी धीमी पड़ गई और स्पिनर्स को ग्रिप मिलने लगी। बर्मिंघम का पहले गेंदबाजी का फैसला रणनीति के हिसाब से सही था क्योंकि यहां बाद में लक्ष्य का पीछा करना आसान माना जाता है, लेकिन एमआई लंदन के गेंदबाजों की सधी हुई लाइन-लेंथ ने इस गणित को पूरी तरह पलट दिया।
पहली पारी का लेखा-जोखा: एमआई लंदन (ML) की आक्रामक शुरुआत और फाइटिंग टोटल
पहले बल्लेबाजी करने उतरी एमआई लंदन ने आक्रामक तेवर दिखाए। ओपनर विल जैक्स ने 7 गेंदों में 2 चौकों की मदद से 11 रन बनाए, जबकि जेम्स विंस ने 12 गेंदों में 3 चौके और 1 छक्का ठोक कर 22 रन बटोरे। इसके बाद मैदान पर उतरे निकोलस पूरन, जिन्होंने बर्मिंघम के गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए महज 21 गेंदों में 2 चौके और 3 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 36 रन ठोक डाले। जेसन रॉय ने भी 21 गेंदों में 26 रन बनाए और सिकंदर रजा ने 13 गेंदों में 17 रन का योगदान दिया। हालांकि कप्तान सैम करन 4 गेंद खेलकर बिना खाता खोले आउट हो गए।
मध्यक्रम में जब बर्मिंघम के स्पिनर रेहान अहमद ने कसकर गेंदबाजी की (2.3 ओवर में 7 रन देकर 2 विकेट), तब ऐसा लगा कि एमआई लंदन की टीम बिखर जाएगी। लेकिन निचले क्रम में ओली साइक्स ने 14 गेंदों में 23 रन (3 चौके) और टॉम करन ने 9 गेंदों में 17 रन (1 चौका, 1 छक्का) की नाबाद ताबड़तोड़ पारियां खेलकर टीम को 20 ओवर (100 गेंद) में 157/6 के फाइटिंग स्कोर तक पहुंचा दिया।
अगर बर्मिंघम की गेंदबाजी का हाल देखें तो क्रिस वुड ने 3.2 ओवर में 28 रन देकर 2 विकेट झटके और रेहान अहमद ने 2.3 ओवर में सिर्फ 7 रन देकर 2 बड़े विकेट निकाले। उनके अलावा टॉम हेलम ने 3.2 ओवर में 46 रन देकर 1 विकेट और जोर्डन थॉम्पसन ने 2.3 ओवर में 24 रन देकर 1 विकेट चटकाया, जबकि साकिब महमूद (2.3 ओवर में 34 रन) और कप्तान डोनोवन फेरेरा (2.3 ओवर में 18 रन) को कोई सफलता नहीं मिली।
दूसरी पारी का रोमांच: बर्मिंघम फीनिक्स (BP) का पीछा और आखिरी ओवर का खतरनाक ड्रामा
158 रनों का पीछा करने उतरी बर्मिंघम फीनिक्स की शुरुआत बेहद खराब रही। जो क्लार्क को सिकंदर रजा ने महज 1 रन पर बोल्ड कर दिया, जबकि लारी इवांस खाता भी नहीं खोल सके। इसके बाद मिचेल ओवेन ने 10 गेंदों में 18 रन बनाए, लेकिन असली पारी जो वेदरली ने खेली। वेदरली ने एक छोर संभालकर 31 गेंदों में 5 चौके और 1 छक्के की मदद से 42 रनों की जुझारू पारी खेली। उनका साथ निभाते हुए शॉन डिक्सन ने 17 गेंदों में 23 रन और कप्तान डोनोवन फेरेरा ने 15 गेंदों में 14 रन बनाए।
मैच तब रोमांच के चरम पर पहुंचा जब जोर्डन थॉम्पसन (13 गेंदों में नाबाद 23 रन, 1 चौका, 2 छक्के) और रेहान अहमद (11 गेंदों में 23 रन, 2 चौके, 2 छक्के) ने आतिशी बल्लेबाजी शुरू कर दी। अंतिम गेंदों पर बर्मिंघम को जीत के लिए बाउंड्री की जरूरत थी, लेकिन यहीं पर एमआई लंदन के कप्तान और गेंदबाज रिचर्ड ग्लीसन का मास्टरस्ट्रोक काम आया! ग्लीसन ने अपनी सटीक यॉर्कर और रफ्तार के परिवर्तन से बल्लेबाजों को बांधकर रखा और आखिरी गेंद पर रेहान अहमद को रन आउट करवा दिया। बर्मिंघम की टीम 20 ओवर में 155/7 रन ही बना सकी और मैच 2 रन से हार गई।
एमआई लंदन की गेंदबाजी का विश्लेषण करें तो 'प्लेयर ऑफ द मैच' रिचर्ड ग्लीसन ने अपने 3.2 ओवर के स्पेल में 29 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। कप्तान सैम करन ने 3.2 ओवर में 37 रन देकर 2 विकेट निकाले। सिकंदर रजा ने बेहद कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 2.3 ओवर में सिर्फ 16 रन देकर 1 विकेट झटका और ट्रेंट बोल्ट ने 3.2 ओवर में 42 रन देकर 1 विकेट लिया। इसके अलावा टॉम करन (2.3 ओवर में 17 रन) और नाथन सोवटर (1.4 ओवर में 13 रन) ने किफायती ओवर फेंककर बर्मिंघम पर लगातार दबाव बनाए रखा।
भाई सच कहें तो यह मुकाबला टी-20 और द हंड्रेड के दीवानों के लिए पैसा वसूल मैच था। बर्मिंघम के होम ग्राउंड पर एमआई लंदन ने जिस तरह से दबाव के क्षणों में कमबैक किया और 2 रन की सांस रोक देने वाली जीत दर्ज की, उसने क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। रिचर्ड ग्लीसन का वो यॉर्कर डालने का फैसला और निकोलस पूरन की आतिशी पारी इस पूरे मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
एमआई लंदन ने बर्मिंघम फीनिक्स को 2 रनों से हराकर रोंगटे खड़े कर देने वाला मुकाबला भले ही जीत लिया हो, लेकिन टूर्नामेंट में उनका सफर अब यहीं खत्म हो चुका है! इस रोमांचक जीत और एमएल के पूरे सफर पर आपकी क्या राय है? अपनी कीमती राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। और हां, अगर आप सच्चे क्रिकेट फैन हैं, तो इस आर्टिकल को अपने क्रिकेट प्रेमी दोस्तों के साथ शेयर करना बिल्कुल न भूलें
... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय...
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