Vaibhav Sooryavanshi News पृथ्वी शॉ और कांबली मत बनने देना 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को लेकर अजिंक्य रहाणे और रोबिन उथप्पा की बड़ी चेतावनी जानिए पूरा मामला


भारतीय क्रिकेट में जब-जब कोई नया सितारा चमकता है, तो फैंस की उम्मीदें आसमान छूने लगती हैं। ऐसा ही कुछ इस समय 15 साल के युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) के साथ हो रहा है। अपनी छोटी सी उम्र में बल्ले से गदर मचाने वाले इस खिलाड़ी की तुलना क्रिकेट के बड़े-बड़े दिग्गजों से होने लगी है। लेकिन इसी बीच टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाजों अजिंक्य रहाणे और रोबिन उथप्पा ने वैभव को लेकर एक बड़ी और कड़वी सच्चाई बयां करते हुए गंभीर चेतावनी दी है!

​दिग्गजों का स्पष्ट मानना है कि वैभव सूर्यवंशी के पास टैलेंट की कोई कमी नहीं है, लेकिन इतनी कम उम्र में मिलने वाली बेशुमार शोहरत, पैसा और मीडिया का दबाव किसी भी युवा खिलाड़ी के करियर को समय से पहले बर्बाद कर सकता है। अगर उन्हें सही मार्गदर्शन (Guidance) और मेंटरशिप नहीं मिली, तो वो भी विनोद कांबली या पृथ्वी शॉ जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की राह पर भटक सकते हैं।

​टैलेंट काफी नहीं, दिमाग शांत रखना जरूरी दिग्गजों की चेतावनी

​अजिंक्य रहाणे और रोबिन उथप्पा का मानना है कि 15-16 साल की उम्र में जब पूरे देश की नजरें आप पर होती हैं, तो ध्यान भटकना बेहद आसान होता है।

​पृथ्वी शॉ का उदाहरण: पृथ्वी शॉ ने भी बहुत कम उम्र में रणजी और टेस्ट डेब्यू में शतक जड़कर पूरी दुनिया में सनसनी मचाई थी। लेकिन शुरुआती चकाचौंध, अनुशासनहीनता और विवादों के चलते उनका अंतरराष्ट्रीय करियर अचानक पटरी से उतर गया।

​विनोद कांबली का कड़वा सबक: क्रिकेट इतिहास गवाह है कि विनोद कांबली के पास सचिन तेंदुलकर जितना ही गॉड-गिफ्टेड टैलेंट था। उन्होंने बैक-टू-बैक दोहरे शतक ठोके थे, लेकिन शुरुआती सफलता और रातों-रात मिली प्रसिद्धि को वो मानसिक रूप से संभाल नहीं पाए।

​इसी वजह से दिग्गजों ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और वैभव के परिवार से गुजारिश की है कि उन्हें फिलहाल अनचाहे मीडिया हाइप, पीआर (PR) स्टंट्स और सोशल मीडिया के शोर-शराबे से पूरी तरह दूर रखा जाए, ताकि वो सिर्फ और सिर्फ अपने क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

​कौन हैं वैभव सूर्यवंशी और क्यों हो रही है इतनी चर्चा?

​बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले वैभव सूर्यवंशी ने बहुत ही छोटी उम्र में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से बड़े-बड़े क्रिकेट एक्सपर्ट्स के होश उड़ा दिए हैं:

​रिकॉर्ड तोड़ डेब्यू: वैभव ने बेहद कम उम्र में बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया और भारत की अंडर-19 टीम में जगह बनाई।

​विस्फोटक शैली: 15 साल की उम्र में 140-145 किमी/घंटे की रफ्तार से आ रही गेंदों पर बिना किसी डर के सामने छक्के जड़ने की उनकी काबिलियत ही उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है।

​लंबी रेस के घोड़े: उनके कोच और बचपन के मेंटर्स का कहना है कि वैभव के पास नेचुरल टाइमिंग और गेंद को पढ़ने की अद्भुत क्षमता है, जो बहुत कम खिलाड़ियों में जन्मजात होती है।

​आगे का रास्ता: क्या वैभव बन पाएंगे अगले सुपरस्टार?

​वैभव सूर्यवंशी में हर कोई भारतीय क्रिकेट का भविष्य देख रहा है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वो इस सफलता के भारी-भरकम दबाव को झेल पाएंगे? पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि अगर उन्हें राहुल द्रविड़ या एमएस धोनी जैसे शांत स्वभाव वाले दिग्गजों से सही समय पर मेंटरशिप मिले, तो निसंदेह वो आने वाले सालों में टीम इंडिया के सबसे बड़े मैच-विनर बनकर उभरेंगे।

​आपकी क्या राय है? क्या वैभव सूर्यवंशी को अभी मीडिया और चकाचौंध से दूर रखकर सिर्फ घरेलू क्रिकेट खेलने देना चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर शेयर करें!

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                            ... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय... 

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