Rohit Sharma World Cup Story जब कमरे में अकेले रोए थे हिटमैन जानें वो दर्दनाक रात
2011 का वो ज़ख्म जिसने तोड़ दिया था सपना
बात साल 2011 की है, जब एमएस धोनी की कप्तानी में भारत में ही वनडे वर्ल्ड कप खेला जाना था। हर युवा खिलाड़ी की तरह 23 साल के रोहित शर्मा का भी सपना था कि वे अपने देश के लिए वर्ल्ड कप खेलें। लेकिन जब बीसीसीआई ने 15 खिलाड़ियों की लिस्ट जारी की, तो उसमें से रोहित शर्मा का नाम गायब था। पीयूष चावला को टीम में जगह मिली थी, लेकिन रोहित बाहर थे।
होटल का कमरा और सन्नाटा
चयन न होने की खबर मिलते ही रोहित शर्मा पूरी तरह टूट गए थे। करीबी बताते हैं कि उस रात रोहित अपने होटल के कमरे में अकेले बंद रहे और बच्चों की तरह रोते रहे। जिस ट्रॉफी को उठाने का सपना देखा था, उसे टीवी पर देखने का दर्द उनसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था। उन्होंने सोशल मीडिया पर सिर्फ एक लाइन लिखी थी टीम में जगह न मिलने से बहुत दुखी हूँ, लेकिन यहाँ से आगे बढ़ना ही एकमात्र रास्ता है।
धोनी का वो मास्टरस्ट्रोक और हिटमैन 2.0 का जन्म
उस बड़े झटके ने रोहित को कमज़ोर करने के बजाय और ज़िद्दी बना दिया। साल 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी में कप्तान एमएस धोनी ने बड़ा दांव खेला और रोहित से ओपनिंग करवाई। इसके बाद जो हुआ, वो क्रिकेट इतिहास के पन्नों में दर्ज है 3 दोहरा शतक, 5 टी20 शतक और भारत को विश्व विजेता बनाने वाला कप्तान
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क्या सिलेक्टर की उस एक गलती की वजह से रोहित शर्मा का 2011 में वर्ल्ड कप जीतने का सपना टूट गया था, जिसके चलते आज भी उनके दिल में वनडे वर्ल्ड कप जीतने की आग जल रही है
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... लेखक नेम शानू धोनी सर फैन बॉय...
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